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दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने उठाई लोकतंत्र और मताधिकार की आवाज

दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, बलवान सिंह दौलतपुरिया शामिल

फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया दिल्ली में कांग्रेस के वोट चोरी मुद्दे पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। जानिए प्रदर्शन से जुड़ी पूरी खबर।

फतेहाबाद/नई दिल्ली  THE ASIA PRIME / TAP NEWS
फतेहाबाद/नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रदर्शन किया। फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने भी अपने साथियों के साथ इस आंदोलन में शामिल होकर लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार के सम्मान की आवाज उठाई।

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बलवान सिंह दौलतपुरिया दिल्ली में वोट चोरी विरोध प्रदर्शन में शामिल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन
कांग्रेस और विपक्षी दलों के आंदोलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई गई। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और इससे चुनावी निष्पक्षता को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।
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विपक्ष की ओर से मांग की गई कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया की समीक्षा हो, कथित अनियमितताओं की जांच की जाए और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा सवाल बताते हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
हालांकि, मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हटे हैं, वे दोबारा नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना सकते हैं। भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। इसलिए ‘वोट चोरी’ के आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।

दिल्ली में विपक्षी दलों ने निकाला मार्च
12 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में मार्च निकाला। इस आंदोलन में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची में बदलावों की समीक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई गई। सुरक्षा व्यवस्था के चलते राजधानी के कई इलाकों में यातायात और आवाजाही पर भी असर पड़ा।

इससे पहले भी दिल्ली में इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकती है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उस पर लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

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बलवान सिंह दौलतपुरिया ने मताधिकार के सम्मान पर दिया जोर
फतेहाबाद विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब प्रत्येक नागरिक के वोट का सम्मान किया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहेगा। उनके अनुसार, मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसकी रक्षा के लिए जागरूकता तथा पारदर्शिता जरूरी है।
उनकी इस भागीदारी को फतेहाबाद में कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी देखा जा रहा है। हालांकि, विधायक के प्रदर्शन में शामिल होने के संबंध में उपलब्ध जानकारी उनके सोशल मीडिया संदेश पर आधारित है; उनकी ओर से दिए गए बयान से आगे किसी अतिरिक्त स्थानीय प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।
लोकतंत्र में मतदाता का विश्वास सबसे अहम
चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल होना और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जनता के विश्वास से सीधे जुड़े विषय हैं। दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन ने इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।
अब इस पूरे मामले में आगे की राजनीतिक गतिविधियों और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं पर नजर रहेगी। कांग्रेस ने इस आंदोलन के जरिए मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया है, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं करते। ऐसे में आरोपों, आधिकारिक स्पष्टीकरणों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही मामले का आकलन किया जाना जरूरी है।

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