
टोहाना में देवेंद्र बबली के भाई विनोद बबली की बढ़ती सामाजिक सक्रियता चर्चा में है। डांगरा के बुजुर्गों से मुलाकात के बाद सवाल उठा—क्या विनोद बबली राजनीति में सक्रिय होंगे?
टोहाना, फतेहाबाद ब्यूरो: SATBIR JANDLI / THE ASIA PRIME / TAP NEWS : टोहाना की राजनीति में एक बार फिर बबली परिवार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के छोटे भाई विनोद बबली की क्षेत्र में बढ़ती सामाजिक सक्रियता और लोगों से मेलजोल को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हाल ही में विनोद बबली की ओर से सोशल मीडिया पर डांगरा गांव से आए बुजुर्गों के साथ मुलाकात की तस्वीर/संदेश साझा किया गया। पोस्ट में उन्होंने बुजुर्गों के स्नेह और आशीर्वाद को अपने लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बताया।
हालांकि, इस पोस्ट में विनोद बबली ने चुनाव लड़ने या सक्रिय राजनीति में उतरने की कोई इच्छा जाहिर नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक दावेदारी की आधिकारिक शुरुआत कहना जल्दबाजी होगी।
बबली परिवार का टोहाना की राजनीति से पुराना जुड़ाव

देवेंद्र सिंह बबली टोहाना विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। 2019 में उन्होंने टोहाना से विधानसभा चुनाव जीता और बाद में हरियाणा सरकार में मंत्री भी रहे। 2024 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा प्रत्याशी थे, लेकिन कांग्रेस के परमवीर सिंह ने टोहाना सीट जीत ली। .
विनोद बबली पहले भी सार्वजनिक गतिविधियों में अपने भाई के साथ दिखाई देते रहे हैं। 2021 में किसान आंदोलन के दौरान देवेंद्र बबली की गैरमौजूदगी में विनोद और मनोज बबली ने उनके कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी और ज्ञापन भी लिया था।
2023 में टोहाना के रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में भी विनोद बबली की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
क्या विनोद बबली की सक्रियता बढ़ रही है?
स्थानीय स्तर पर किसी नेता या राजनीतिक परिवार के सदस्य का लगातार सामाजिक कार्यक्रमों में जाना, लोगों से मिलना और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।
लेकिन अभी उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में विनोद बबली की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ने, किसी पार्टी से टिकट मांगने या अलग राजनीतिक संगठन बनाने की फिलहाल कोई बात सामने नहीं आई है।
इसलिए इस समय दो बातें अलग-अलग रखना जरूरी है—
हिसार में पूर्व सरपंच की हत्या, बेटे पर रॉड से वार का आरोप; अंतिम संस्कार से पहले खुला राज
पहली: विनोद बबली की सार्वजनिक और सामाजिक सक्रियता दिखाई दे रही है।
दूसरी: इसे चुनावी राजनीति में उतरने की आधिकारिक तैयारी मानने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या यह देवेंद्र बबली के लिए राजनीतिक संकेत है?
स्थानीय राजनीति में यह सवाल जरूर उठ सकता है कि यदि विनोद बबली भविष्य में ज्यादा सक्रिय होते हैं तो इसका बबली परिवार की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
लेकिन यह कहना कि कोई राजनीतिक ताकत जानबूझकर देवेंद्र बबली को कमजोर करने के लिए उनके भाई विनोद बबली को आगे कर रही है, फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल होगी। ऐसी किसी रणनीति या साजिश की पुष्टि करने वाला विश्वसनीय सार्वजनिक प्रमाण हमें नहीं मिला।
इसी तरह यह भी कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक मतभेद हैं।
भाजपा संगठन में देवेंद्र बबली की भूमिका
जून 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक टोहाना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की बूथ स्तर की बैठक में पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली संयोजक की भूमिका में थे और उन्होंने संगठन की बूथ स्तर पर मजबूती पर जोर दिया था।
इससे यह स्पष्ट है कि देवेंद्र बबली अभी भी टोहाना क्षेत्र में राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
टोहाना की राजनीति में आगे क्या?
विनोद बबली की हालिया पोस्ट ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि क्या बबली परिवार की अगली पीढ़ी या परिवार का कोई दूसरा सदस्य भी टोहाना की सार्वजनिक राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
फिलहाल इसका जवाब विनोद बबली की ओर से किसी आधिकारिक राजनीतिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। आने वाले समय में यदि उनकी क्षेत्रीय यात्राएं, जनसंपर्क और राजनीतिक कार्यक्रम बढ़ते हैं, तो इसे सक्रिय राजनीति की दिशा में एक अधिक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में ₹17.29 करोड़ के जाली नोट, आम आदमी पर सख्ती पर उठे सवाल