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हरियाणा में 36 दिन बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 16 मांगों पर सहमति

हरियाणा में 36 दिन बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 16 मांगों पर सरकार से बनी सहमति; CM सैनी ने करवाया मुंह मीठा

चंडीगढ़ | 11 सितंबर 2026 The Asia Prime / TAP News

हरियाणा में पिछले 36 दिनों से चली आ रही सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई। शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया गया।

इससे पहले कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ कर्मचारी प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें उनकी मांगों को लेकर सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कराया सफाई कर्मचारियों का मुंह मीठा

बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों का मुंह मीठा करवाया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्वच्छता प्रहरियों के साथ सरकार के खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार के सकारात्मक रुख पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। सहमति के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल तत्काल प्रभाव से समाप्त कर काम पर लौटने का फैसला किया है।

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ सफाई कर्मचारी प्रतिनिधि

16 मांगों पर बनी सहमति, रिक्त पदों पर होगी नियमित भर्ती

सफाई कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांगों में नगर निकायों में खाली पड़े सफाई कर्मचारियों के पदों पर नियमित भर्ती करना शामिल था। बैठक के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच 16 मांगों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा कर्मचारियों से जुड़े वेतन, जोखिम भत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, बीमा, छुट्टी, पदोन्नति और भर्ती जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक निर्णय की जानकारी दी गई है।

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कर्मचारियों को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

सरकार के साथ बनी सहमति में कई महत्वपूर्ण मांगों को शामिल किए जाने की जानकारी है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती।
  • नियमित कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने पर सहमति।
  • कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ।
  • कर्मचारियों के लिए एलटीसी और मेडिकल चेकअप की सुविधा।
  • अनुकंपा सहायता राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की सहमति।
  • दुर्घटना में अंग भंग होने पर 25 लाख रुपये तक का लाभ
  • चिरायु योजना के तहत कर्मचारियों को विभाग की ओर से आर्थिक सहयोग।
  • मेडिकल अवकाश को बढ़ाकर 20 दिन किए जाने की जानकारी।
  • पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों और सीवर कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ।
  • न्यूनतम वेतन से जुड़ी मांग पर सहमति।
  • हड़ताल के दौरान जान गंवाने वाले दो कर्मचारियों के परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति।
  • फायरमैन और ड्राइवरों को भर्ती में लाभ देने पर भी सहमति की जानकारी सामने आई है।

6 अगस्त से जारी था आंदोलन

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 6 अगस्त 2026 से हड़ताल शुरू की थी। आंदोलन लंबा खिंचने के कारण प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए।

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सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इससे पहले भी कई दौर की बातचीत हुई थी। अगस्त के दौरान सरकार ने कई मांगों पर सैद्धांतिक सहमति की जानकारी दी थी, लेकिन नियमितीकरण समेत कुछ मुद्दों को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच गतिरोध बना रहा।

नियमितीकरण और नौकरी की सुरक्षा रहा बड़ा मुद्दा

सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में नौकरी की सुरक्षा और नियमित रोजगार प्रमुख मुद्दों में रहे। कर्मचारियों की ओर से कच्चे, ठेका और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करने, समान काम के लिए समान वेतन, जोखिम भत्ता, सुरक्षा उपकरण, ईएसआई-ईपीएफ और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता जैसी मांगें उठाई जाती रही हैं।

सरकार ने इससे पहले पालिका रोल पर कार्यरत 13,093 सफाई कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने की बात कही थी। हालांकि कर्मचारी संगठनों की ओर से नियमितीकरण को लेकर अलग मांग बनी रही।

36 दिन के आंदोलन के बाद मिली राहत

लगातार एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के बाद शुक्रवार को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बनने से गतिरोध समाप्त हुआ। अब सफाई कर्मचारियों के काम पर लौटने से प्रदेश के शहरों में सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।

कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, हड़ताल समाप्त करने के बाद अगले कुछ दिनों में व्यापक सफाई अभियान चलाने की भी बात कही गई है।

सरकार-कर्मचारी वार्ता में बनी सहमति से क्या बदलेगा?

सबसे बड़ा असर शहरी सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा। 36 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण कई शहरों में कूड़ा जमा होने की समस्या पैदा हुई थी। कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद नगर निकायों के सामने जमा कचरे को हटाना और सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करना बड़ी प्राथमिकता होगी।

सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बनी सहमति के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सहमति के बिंदुओं को किस तरह और कितनी तेजी से लागू किया जाता है।

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