
हिसार कोर्ट गैंगस्टर विनोद काना हत्या मामले में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। पेशी पर आए विनोद पानू उर्फ काना की मौत, एक अन्य घायल और पुलिस जांच जारी।
हिसार | TAP NEWS / THE ASIA PRIME
हिसार जिला अदालत परिसर के बाहर गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को दिनदहाड़े हुई गैंगवार की वारदात ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। पेशी के लिए अदालत पहुंचे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की कोर्ट के मुख्य गेट के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे और वारदात के बाद मौके से फरार होने का प्रयास किया।
हिसार कोर्ट फायरिंग में विनोद काना की मौत
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वारदात गुरुवार दोपहर करीब पौने तीन बजे हुई। विनोद पानू उर्फ काना किसी मामले में पेशी के लिए हिसार अदालत पहुंचा था। कोर्ट के मुख्य गेट के सामने उस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई।

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अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में फायरिंग की संख्या करीब 12 से 14 राउंड बताई गई है। गोली लगने से विनोद काना की मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बाइक पर आए हमलावर, वारदात के बाद मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार हमलावरों ने नजदीक से फायरिंग की। गोलियों की आवाज सुनते ही कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वकीलों, कर्मचारियों, पक्षकारों और आम लोगों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके को सुरक्षित किया। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
विनोद काना पर दर्ज थे कई आपराधिक मामले
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विनोद पानू उर्फ काना हिसार क्षेत्र का कुख्यात अपराधी बताया जाता था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में उसके खिलाफ करीब 31 आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है।
इसी आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण विनोद काना का नाम हिसार और आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहा था। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज मामलों और आरोपों को लेकर अंतिम तथ्य पुलिस रिकॉर्ड एवं संबंधित अदालतों के दस्तावेजों से ही प्रमाणित माने जाने चाहिए।
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कोर्ट परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
हिसार कोर्ट के मुख्य गेट के सामने दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालतें आम नागरिकों, वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की रोजाना आवाजाही का प्रमुख केंद्र होती हैं। ऐसे स्थान के बाहर इस तरह की वारदात होना सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर घटना है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कोर्ट परिसर तक कैसे पहुंचे, उन्होंने विनोद काना की गतिविधियों की जानकारी कैसे हासिल की और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
पुलिस जांच में सामने आएगा हत्या का कारण
फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर पुलिस जांच जारी है। शुरुआती तौर पर इसे गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है।
ताजा रिपोर्टों में एक संदिग्ध हमलावर के पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि मामले में गिरफ्तारी, आरोपियों की संख्या और हत्या की साजिश के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।