
पूर्व CM भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई की गुरुग्राम कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी। करोड़ों के प्लॉट फर्जीवाड़े और कथित फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले की पूरी जानकारी पढ़ें।
गुरुग्राम | TAP NEWS / THE ASIA PRIME
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई को करोड़ों रुपये के कथित प्लॉट फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। गुरुग्राम की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 25 अगस्त 2026 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में रोशनी बिश्नोई और उनके पति अनूप बिश्नोई पर मृत व्यक्ति के नाम पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति के लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला गुरुग्राम के सेक्टर-14 थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में वर्ष 2023 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता धर्मबीर ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के एक मृत सदस्य के नाम पर आवंटित प्लॉट को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और पहचान से जुड़े कागजात के जरिए दूसरे लोगों को बेचने की कोशिश की गई।
पुलिस जांच में कथित तौर पर मृत व्यक्ति के नाम से तैयार किए गए दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य रिकॉर्ड सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में फर्जी पहचान और संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े कई लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

फर्जी दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन का आरोप
ताजा रिपोर्ट के अनुसार अभियोजन पक्ष ने अदालत में दावा किया कि मृत व्यक्ति के नाम पर कथित फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किया गया था। इसी पहचान का इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक खाता खोलने के लिए किए जाने की बात सामने आई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार जांच में करीब ₹2.38 करोड़ के बैंक ट्रांजेक्शन का उल्लेख किया गया है, जिसमें रकम रोशनी बिश्नोई के बैंक खाते में पहुंचने का आरोप है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह भी दावा किया कि कथित फर्जी दस्तावेज ईमेल के जरिए सह-आरोपियों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच के बाद ही होगा।
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बचाव पक्ष ने क्या कहा?
रोशनी बिश्नोई की ओर से अदालत में आरोपों का विरोध किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि वह कथित संपत्ति लेनदेन में प्रतिरूपण करने वाली व्यक्ति नहीं थीं और न ही लेनदेन की मुख्य पक्षकार थीं। बचाव पक्ष की ओर से यह भी तर्क दिए गए कि केवल बैंक खाते में रकम आने से किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं होती।
वहीं अभियोजन पक्ष ने उनकी भूमिका की जांच के लिए पुलिस पूछताछ की आवश्यकता बताई। अदालत ने उपलब्ध सामग्री और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
पहले भी जारी हो चुके हैं गिरफ्तारी वारंट
इस मामले में भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई और उनके पति अनूप बिश्नोई के खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी होने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। नवंबर 2025 की रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश देने की जानकारी अदालत को दी थी।
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मामले में कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं और पुलिस कथित फर्जी दस्तावेजों, प्लॉट के पुराने रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
मामला अभी अदालत में विचाराधीन
फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। रोशनी बिश्नोई पर लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। अग्रिम जमानत खारिज होना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले के तथ्यों और सभी आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
TAP NEWS / THE ASIA PRIME इस मामले में अदालत और पुलिस की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर आगे के अपडेट भी प्रकाशित करेगा।