
आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज का दिन एक बड़े राजनीतिक भूचाल जैसा रहा। पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने एक साथ पाला बदलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम पर AAP सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया।
नई दिल्ली/चंडीगढ़(TAP NEWS / THE ASIA PRIME): आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी के कुल 7 सांसदों ने AAP से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इन सांसदों ने राज्यसभा में अपनी सदस्यता बचाने के लिए तकनीकी रूप से AAP के संसदीय दल के दो-तिहाई (2/3) हिस्से का विलय भाजपा में करने का दावा किया है।
किन 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी? (पूरी लिस्ट)
भाजपा में शामिल होने वाले इन 7 सांसदों में पंजाब के कई दिग्गज चेहरे शामिल हैं:
- राघव चड्ढा: AAP के सबसे युवा और प्रमुख चेहरा, जिन्हें हाल ही में राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाया गया था।
- हरभजन सिंह: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पंजाब से राज्यसभा सांसद।
- संदीप पाठक: IIT प्रोफेसर और AAP के चाणक्य माने जाने वाले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री।
- अशोक मित्तल: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक, जिन्हें हाल ही में राघव चड्ढा की जगह उप-नेता बनाया गया था।
- स्वाति मालीवाल: दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद।
- विक्रमजीत सिंह साहनी: मशहूर उद्योगपति और पद्मश्री से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता।
- संजीव अरोड़ा (राजेंद्र गुप्ता): लुधियाना के बड़े उद्योगपति और ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक।
(नोट: कुछ रिपोर्ट्स में संजीव अरोड़ा और राजेंद्र गुप्ता के नामों का उल्लेख है, जो पंजाब से पार्टी के राज्यसभा प्रतिनिधि हैं)
संजय सिंह का तीखा हमला: “इतिहास इन्हें माफ नहीं करेगा”
सांसदों के इस कदम के बाद AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा, “भाजपा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों में रोड़ा अटकाने के लिए यह गंदा खेल खेला है। ED और CBI का डर दिखाकर हमारे सांसदों को तोड़ा गया है।”
संजय सिंह ने आगे कहा, “पंजाब की जनता ने इन लोगों को बड़े भरोसे के साथ चुनकर भेजा था, लेकिन इन्होंने पंजाब की पीठ में छुरा घोंपा है। पंजाब के लोग इन सातों नामों को याद रखेंगे और आने वाले समय में इन्हें करारा जवाब देंगे।”
राघव चड्ढा की सफाई: “पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई”
दूसरी ओर, भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा, “जिस पार्टी को हमने अपने खून-पसीने से सींचा था, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से पूरी तरह भटक चुकी है। अब वहाँ देशहित के बजाय व्यक्तिगत स्वार्थ सर्वोपरि हो गया है। इसलिए हमने संविधान के प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय का निर्णय लिया है।
AAP के पास अब केवल 3 सांसद शेष
इस बगावत के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ताकत काफी कम हो गई है। 10 सांसदों वाली पार्टी के पास अब केवल संजय सिंह, एन.डी. गुप्ता और संत बलबीर सिंह सीचेवाल ही शेष रह गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले यह पलायन AAP के लिए एक बड़ा अस्तित्व का संकट पैदा कर सकता है।