फतेहाबाद के सद्भावना अस्पताल में ‘खूनी’ लूट का खेल: आयुष्मान के नाम पर सरकार को चूना, लाचार मरीजों से वसूली मोटी रकम!
CM फ्लाइंग की रेड में फूटा भ्रष्टाचार का घड़ा: 3 महीने में 1.57 करोड़ का क्लेम और ऊपर से मरीजों की जेब पर डाका, स्टाफ पर दुर्व्यवहार के आरोप

फतेहाबाद के सद्भावना अस्पताल में ‘सेवा’ के नाम पर ‘लूट’ का बड़ा खुलासा!
हरियाणा के स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब CM फ्लाइंग की टीम ने फतेहाबाद के सद्भावना अस्पताल पर अचानक धावा बोल दिया। जाँच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकते हैं। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना, जो गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए वरदान है, उसे इस अस्पताल ने अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया।
महज साढ़े तीन महीनों में 1.57 करोड़ रुपये का सरकारी क्लेम हड़पने वाले इस अस्पताल पर आरोप है कि यहाँ आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीजों से हजारों रुपये नकद वसूले गए। हद तो तब हो गई जब एक मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद भी अस्पताल ने उनसे हजारों की वसूली की। हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने अस्पताल के फर्जीवाड़े और स्टाफ के बदतमीज व्यवहार की पोल खोल दी है। क्या ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं होना चाहिए? देखिए TAP NEWS / THE ASIA PRIME की यह विशेष रिपोर्ट।
हिसार ब्यूरो चीफ सतबीर जांडली (TAP NEWS / THE ASIA PRIME): फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में सेवा के नाम पर चल रहे ‘लूट तंत्र’ का एक बड़ा खुलासा हुआ है। शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर फतेहाबाद के सद्भावना अस्पताल पर छापा मारा। रेड के दौरान जो सच सामने आया, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना, जो गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए बनी है, उसे इस अस्पताल ने अपनी तिजोरी भरने का जरिया बना लिया।
सरकार से करोड़ों का खेल, मरीजों से अवैध वसूली
जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक, यानी महज साढ़े तीन महीनों में अस्पताल ने 1017 मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना के तहत दिखाकर सरकार से 1 करोड़ 57 लाख रुपये का क्लेम किया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस भारी-भरकम राशि के बदले में अस्पताल के पास कोई ‘मैन्युअल रिकॉर्ड’ तक नहीं मिला। कागजों में हेराफेरी कर जनता की गाढ़ी कमाई को ठिकाने लगाने की तैयारी थी।
इंसानियत शर्मसार: मौत के बाद भी नहीं छोड़ी वसूली
रेड के दौरान अस्पताल में मौजूद लोगों ने जो आपबीती सुनाई, वह रूह कंपा देने वाली है। स्वामी नगर निवासी बबलू ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को सांस की बीमारी के चलते भर्ती कराया था। उसी रात उनके पिता की मृत्यु हो गई। आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने उनसे 21,480 रुपये नकद वसूले और दवाइयों के नाम पर अलग से पैसे लिए। वहीं दूसरी ओर, मृतक के कार्ड से 35,650 रुपये का सरकारी क्लेम भी हड़प लिया। मौत के मातम के बीच भी अस्पताल प्रशासन का दिल नहीं पसीजा और स्टाफ ने परिजनों के साथ दुर्व्यवहार भी किया।
इसी तरह अमनदीप नामक व्यक्ति ने बताया कि सीने में दर्द के इलाज के नाम पर आयुष्मान योजना होने के बावजूद उनसे 10,650 रुपये जबरन लिए गए।
CM फ्लाइंग का सख्त रुख: “बख्शे नहीं जाएंगे लुटेरे”
हिसार रेंज की सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा दिया है। टीम में शामिल डॉक्टर सुशील, डॉक्टर जतिन और पुलिस अधिकारियों ने रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। सुनैना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल किसी भी मरीज से एक पैसा भी नकद नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी और मरीजों के शोषण के मामले में अस्पताल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जनता में भारी आक्रोश
सद्भावना अस्पताल की इस करतूत के सामने आने के बाद फतेहाबाद की जनता में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवा के नाम पर दुकान चलाने वाले ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस तुरंत रद्द होना चाहिए। सवाल यह है कि आखिर किसके रसूख के दम पर यह अस्पताल गरीबों का खून चूस रहा था?