नई दिल्ली :न्याय की बड़ी जीत! दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल CBI केस से हुए बरी; ‘AAP’ बोली— “सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं”
महीनों की लंबी कानूनी लड़ाई और जेल की सलाखों के बाद केजरीवाल के पक्ष में आया कोर्ट का फैसला; आम आदमी पार्टी ने मनाया जश्न, विपक्ष के आरोपों पर साधा तीखा निशाना।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को CBI केस में बरी कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने इसे सच्चाई की जीत बताया। जानें मनीष सिसोदिया और अनुराग डांडा ने क्या कहा।
नई दिल्ली/ ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : दिल्ली की सियासत और कानूनी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े CBI केस में बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के खेमे में भारी उत्साह है और पार्टी इसे ‘सच्चाई की जीत’ और ‘राजनीतिक साजिश का अंत’ बता रही है।
चार्जिंग का झंझट खत्म! चीन ने बनाई दुनिया की पहली ‘परमाणु बैटरी’, एक बार लगाएं और 50 साल तक भूल जाएं
क्या था मामला और कोर्ट ने क्या कहा?।
![]()
कथित दिल्ली आबकारी नीति (2021-22) में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अरविंद केजरीवाल को आरोपी बनाया था। महीनों तक चली जांच, पूछताछ और जेल में बिताए समय के बाद, कोर्ट ने पाया कि केजरीवाल के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्य उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
- साक्ष्यों का अभाव: अदालत ने अपने फैसले में उल्लेख किया कि जांच एजेंसी ठोस सबूत पेश करने में विफल रही जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी के लेन-देन को साबित कर सकें।
- राजनीतिक आरोप: कोर्ट के इस फैसले ने उन दावों को मजबूती दी है जिनमें ‘आप’ लगातार इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही थी।
- खड़गे से हुड्डा-तंवर की मुलाकात: क्या राज्यसभा की बिसात पर फिर ‘मोहरा’ बनेगा मेवात? कांग्रेस की ‘अनदेखी’ पर उठे गंभीर सवाल
“जनता सब देख रही है”: AAP का हमला
फैसला आने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल्स से सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं मनीष सिसोदिया और अनुराग डांडा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति में आरोप लगाना बहुत आसान है, लेकिन उन आरोपों को सच साबित करना नामुमकिन है जब वे झूठ की बुनियाद पर टिके हों।
अनुराग डांडा (मीडिया इंचार्ज, AAP) ने कहा:
”आज एक बार फिर साबित हो गया कि सत्य को झुकाया नहीं जा सकता। अरविंद केजरीवाल जी को जिस तरह से एक फर्जी केस में फंसाकर जेल में रखा गया, वह लोकतंत्र की हत्या थी। लेकिन आज न्याय की जीत हुई है और जनता ने देख लिया है कि कौन सच्चा है और कौन साज़िशकर्ता।”✊🧹
केजरीवाल के लिए संजीवनी, बीजेपी के लिए झटका
यह फैसला अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ी राजनीतिक संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली और हरियाणा के आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच इस फैसले ने ‘आप’ कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।
- नैतिक जीत: जेल से बाहर आने और अब बरी होने के बाद केजरीवाल जनता के बीच ‘विक्टिम कार्ड’ और ‘ईमानदारी के सर्टिफिकेट’ के साथ मजबूती से उतरेंगे।
- विपक्ष पर पलटवार: अब ‘आप’ उन सभी नेताओं से माफी की मांग कर रही है जिन्होंने केजरीवाल को ‘भ्रष्ट’ कहा था।
- बड़ी खबर: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की बढ़ी मुश्किलें, यौन शोषण मामले में FIR दर्ज करने का कोर्ट ने दिया आदेश
मनीष सिसोदिया और पूरी टीम का अटूट विश्वास
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जो खुद इसी मामले में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं, ने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल केजरीवाल की जीत नहीं है, बल्कि दिल्ली के उन लाखों बच्चों और परिवारों की जीत है जिनकी दुआएं हमारे साथ थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य की क्रांति को रोकने के लिए यह सारा स्वांग रचा गया था।
अरविंद केजरीवाल का बरी होना भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। पिछले दो सालों से जिस ‘शराब घोटाले’ के इर्द-गिर्द दिल्ली की राजनीति घूम रही थी, उस पर कोर्ट के इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जांच एजेंसियां दबाव में काम कर रही थीं? या फिर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता ने विकास के एजेंडे को पीछे धकेल दिया था? जवाब चाहे जो भी हो, लेकिन आज की तारीख में अरविंद केजरीवाल एक ‘क्लीन चिट’ के साथ राजनीतिक मैदान में और अधिक आक्रामक नजर आएंगे।