ट्रम्प और शहबाज शरीफ की ‘स्क्रिप्टेड’ डिप्लोमेसी का खुला मजाक; ‘Draft’ लिखकर किया पोस्ट और दुनिया के सामने खुली पोल
ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की धमकी बनी 'छुरछुरी'; अमेरिका और पाकिस्तान के बीच 'कॉपी-पेस्ट' खेल ने करवाई अंतरराष्ट्रीय फजीहत।

ट्रम्प और शहबाज शरीफ की ‘Draft’ वाली पोल खुली। ईरान युद्धविराम के नाम पर कैसे हुआ अंतरराष्ट्रीय मजाक, जानिए पूरी रिपोर्ट।
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News): अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा ‘कॉमेडी शो’ देखने को मिला हो, जैसा पिछले कुछ घंटों में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच देखने को मिला। डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी और उसके बाद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के जरिए ‘युद्धविराम’ का जो ड्रामा रचा गया, उसने पूरी दुनिया को हंसने पर मजबूर कर दिया है।
ईरान पर हमले का डर और 8 बजे का सस्पेंस
बीते कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर बड़े हमले के संकेत दे रहे थे। पूरी दुनिया इस बात से सहमी हुई थी कि आज सुबह 8 बजे अमेरिका ईरान पर कोई परमाणु हमला या बड़ा सैन्य प्रहार करेगा। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी तक जारी कर दी थी। खाड़ी देशों में युद्ध के बादल मंडरा रहे थे और दुनिया अपनी सांसें रोककर सुबह 8 बजने का इंतजार कर रही थी।
शहबाज शरीफ बने ‘शांतिदूत’ या ट्रम्प के ‘पोस्टमैन’?
तभी सुबह करीब 4 बजे अचानक खेल बदल गया। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें लिखा था कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कहने पर ईरान के साथ 2 हफ्ते का युद्धविराम (Ceasefire) किया जाता है।” शर्त यह रखी गई कि ईरान ‘Strait of Hormuz’ को खोलेगा और बातचीत के लिए समय दिया जाएगा। पहली नजर में ऐसा लगा मानो पाकिस्तान दुनिया का बहुत बड़ा शांतिदूत बन गया है, लेकिन हकीकत कुछ ही मिनटों में सामने आ गई
एक ‘कॉपी-पेस्ट’ ने खोल दी पोल: “Draft” समेत कर दिया पोस्ट
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को धन्यवाद देने और युद्धविराम की घोषणा करने के लिए जो पोस्ट लिखी, उसने सारी ‘डिप्लोमेसी’ का भट्ठा बैठा दिया। शहबाज ने जो मैसेज पोस्ट किया, उसकी पहली लाइन थी:
“Draft – Pakistan PM’s post on X”
इसका सीधा मतलब यह था कि यह मैसेज पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय या शहबाज के दिमाग की उपज नहीं था, बल्कि यह मैसेज अमेरिका (ट्रम्प की टीम) द्वारा तैयार कर भेजा गया था। शहबाज शरीफ ने बिना ‘Draft’ शब्द को हटाए, सीधे इसे कॉपी-पेस्ट कर दिया।
दुनियाभर में हो रही फजीहत
शहबाज की इस बेवकूफी ने यह साबित कर दिया कि यह पूरी ‘शांति प्रक्रिया’ केवल ट्रम्प की एक Scripted (लिखी हुई) चाल थी। ट्रम्प खुद को ईरान के साथ सीधे युद्ध के जोखिम से निकालना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान का कंधा इस्तेमाल किया। लेकिन शहबाज की एक गलती ने ट्रम्प और अपनी, दोनों की दुनिया के सामने फजीहत करवा दी। अमेरिकी लोग अब अपना सिर पीट रहे हैं कि उनके राष्ट्रपति को बचाने के लिए कैसे-कैसे ‘नमूनों’ का सहारा लेना पड़ रहा है।
कूटनीति में ‘कॉन्फिडेंशियल’ (गोपनीय) ड्राफ्ट का सार्वजनिक होना किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी शर्मिंदगी होती है। शहबाज शरीफ की इस हरकत ने न केवल पाकिस्तान की क्रेडिबिलिटी को खत्म किया है, बल्कि ट्रम्प की उन धमकियों को भी एक ‘मजाक’ बना दिया है, जिनसे दुनिया डर रही थी। सच में, यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अब तक का सबसे बड़ा ‘कॉमेडी सर्कस’ है।