दिल्ली में ‘वॉर रूम’ तैयार: मोदी सरकार की बड़ी हलचल, क्या पाकिस्तान के खिलाफ किसी बड़े एक्शन की है तैयारी?
अजीत डोभाल ने सौंपी 'रेड फाइल'; तीनों सेना प्रमुखों ने मंदिरों में टेका माथा। जैसलमेर में बजे सायरन, पश्चिमी सीमा पर 'नो फ्लाई ज़ोन' घोषित।

दिल्ली में पीएम मोदी और अजीत डोभाल की 3 घंटे की गुप्त बैठक। पश्चिमी सीमा पर हाई अलर्ट और सायरन टेस्टिंग ने बढ़ाई हलचल। क्या भारत करने वाला है कोई बड़ा प्रहार?
नई दिल्ली/ ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : देश की राजधानी नई दिल्ली में पिछले 24 घंटों से जारी हाई-लेवल मीटिंग्स और सेना की गतिविधियों ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी बड़े नेशनल सिक्योरिटी इवेंट की योजना बना रहे हैं। सूत्रों और हालिया घटनाक्रमों के अनुसार, सुरक्षा गलियारों में ‘ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2’ की चर्चा तेज है, जिसे लेकर एनएसए अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री को एक सीक्रेट ‘रेड फाइल’ और रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट सौंपी है।
संसद से सड़क तक युद्ध जैसी तैयारियां
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संसद में कठिन समय और त्याग (Sacrifices) की बात की थी, जिसे अब जमीनी स्तर पर हो रही मोबिलाइजेशन से जोड़कर देखा जा रहा है। दिल्ली में एक पावरफुल कमेटी बनाई गई है जिसमें प्रधानमंत्री के साथ गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई प्रशासनिक बैठक नहीं, बल्कि एक ‘वॉर रूम’ सेटअप है जो केवल युद्ध जैसी स्थितियों में सक्रिय होता है।
सुरक्षा अलर्ट के मुख्य संकेत:
- पश्चिमी सीमा पर पाबंदी: भारत ने पंजाब, राजस्थान और गुजरात के बॉर्डर इलाकों में ‘नोटम’ (NOTAM) जारी कर ‘नो फ्लाई ज़ोन’ घोषित कर दिया है।
- सायरन टेस्टिंग: जैसलमेर में 11 अलग-अलग लोकेशंस पर इमरजेंसी सायरन की टेस्टिंग की गई है, जो सीधे तौर पर युद्ध की तैयारियों की ओर इशारा करती है।
- सेना प्रमुखों की आध्यात्मिक यात्रा: आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने जगन्नाथ मंदिर, एयरफोर्स चीफ ने स्वर्ण मंदिर और नेवल चीफ ने महाकाल मंदिर में विशेष प्रार्थना की। इसे सैनिकों की सुरक्षा के लिए ‘डिवाइन ब्लेसिंग’ के रूप में देखा जा रहा है।
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पाकिस्तान की ओर से न्यूक्लियर धमकी और साजिश
दूसरी ओर, पाकिस्तान में भी भारी उथल-पुथल मची है। पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने दिल्ली-मुंबई को परमाणु हमले की धमकी दी है, वहीं पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने ‘आधी दुनिया’ को साथ डुबोने की बात कही है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, लाहौर में आईएसआई और आतंकी गुटों (लश्कर और जैश) की एक गुप्त बैठक हुई है, जिसमें भारत के बड़े शहरों में अशांति फैलाने के लिए 1500 आतंकियों को तैयार करने की योजना बनाई गई है।
अमेरिका के साथ ‘मिलिट्री ग्रेड’ कम्युनिकेशन
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी की डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के साथ बातचीत की भी खबरें हैं, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षित ‘मिलिट्री ग्रेड’ कम्युनिकेशन लाइन्स स्थापित करने पर चर्चा हुई है। इसका उद्देश्य युद्ध की स्थिति में दुश्मन की संचार व्यवस्था को ब्लॉक करना और सटीक सूचनाएं साझा करना है।
खेतों से फसलें कट चुकी हैं और रणनीतिक रूप से यह समय सैन्य अभियानों के लिए ‘परफेक्ट’ माना जाता है। नॉर्दर्न कमांड के प्रमुख का बयान कि “युद्ध का स्वरूप बदल गया है और अब नागरिक-सेना को मिलकर लड़ना होगा,” यह स्पष्ट करता है कि खतरा केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक (प्रॉक्सी वॉर) भी है। क्या भारत इस बार ‘आर-पार’ की लड़ाई के मूड में है? अगले कुछ दिन देश की सुरक्षा और भूगोल के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।