फतेहाबाद : भुना में HDFC बैंक के साथ ‘गोल्ड लोन’ ठगी: 75% नकली सोना गिरवी रखकर डकारे 5.84 लाख रुपए; हिसार का दूसरा आरोपी गिरफ्तार
भूना थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई; पाबड़ा के अमरजीत को दबोचा। ऊपर असली सोने की परत, अंदर पीतल का खेल; किस्त न भरने पर खुला राज।

फतेहाबाद के भूना में HDFC बैंक से 5.84 लाख की ठगी। नकली सोना गिरवी रखने वाला हिसार का अमरजीत गिरफ्तार। किस्त न भरने पर खुला राज।
फतेहाबाद/भूना ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : हरियाणा के फतेहाबाद जिले में बैंकिंग धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की भूना शाखा को चूना लगाने वाले एक शातिर गिरोह के दूसरे सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से बैंक के पास नकली सोना गिरवी रखा और करीब 6 लाख रुपए का लोन लेकर रफूचक्कर हो गए। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
हिसार का आरोपी अमरजीत पुलिस की गिरफ्त में
भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिसार जिले के गांव पाबड़ा निवासी अमरजीत के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस एक आरोपी को पहले ही जेल भेज चुकी है। अमरजीत इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है, जिसने जाली जेवरों के जरिए बैंक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी।
कैसे दिया ठगी को अंजाम? (वारदात का पूरा ब्योरा)
बैंक की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, यह मामला मई 2024 में शुरू हुआ था। आरोपियों ने एचडीएफसी बैंक की भूना शाखा में गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया। सुरक्षा (Security) के तौर पर उन्होंने 4 सोने की चूड़ियां और 1 पेंडेंट बैंक के पास जमा करवाया।
- सोने का वजन: 122.90 ग्राम।
- लोन की राशि: 5 लाख 84 हजार रुपए।
- दावा: आरोपियों ने इसे 100% शुद्ध सोना बताया था।
बैंक ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपियों को साढ़े पांच लाख से ज्यादा का लोन आवंटित कर दिया। लोन लेने के बाद आरोपियों ने बैंक की एक भी किस्त (Installment) जमा नहीं करवाई।
नीलामी प्रक्रिया के दौरान खुला ‘पीतल का राज’
जब साल भर बीत जाने के बाद भी लोन की अदायगी नहीं हुई, तो सितंबर 2025 में बैंक ने नियमानुसार गिरवी रखे गए जेवरों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। नीलामी से पहले जब बैंक पैनल के अधिकृत जोहरी (Appraiser) से उन जेवरों की दोबारा गहनता से जांच करवाई गई, तो बैंक अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
जांच की रिपोर्ट:
जोहरी ने पाया कि वह सोना 75 प्रतिशत नकली था। शातिरों ने जेवरों के अंदर सस्ता धातु (संभवतः पीतल या तांबा) भरा था और उसके ऊपर केवल 25 प्रतिशत असली सोने की परत चढ़ाई थी ताकि टेस्टिंग के दौरान वह पकड़ में न आए।
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कानूनी कार्रवाई और पुलिस की छापेमारी
बैंक के अधिकृत अधिकारी अजीत राणा की शिकायत पर एसपी कार्यालय के आदेशानुसार भूना थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका है और अब अमरजीत की गिरफ्तारी से इस गिरोह के कई और राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इस ठगी में बैंक के किसी कर्मचारी या शुरुआती गोल्ड टेस्टर की भी मिलीभगत थी।
गोल्ड लोन के नाम पर बैंकों के साथ बढ़ती धोखाधड़ी चिंता का विषय है। यह मामला दर्शाता है कि ठग अब नई तकनीकों (Layering Technique) का इस्तेमाल कर रहे हैं, जहाँ जेवर की ऊपरी सतह असली होती है लेकिन अंदर सब नकली। बैंकों को अपने टेस्टिंग मानकों को और सख्त करने की जरूरत है। ‘The Asia Prime’ जनता से भी अपील करता है कि ऐसे गिरोहों से सावधान रहें और ईमानदारी से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाएं।