: जयपुर में ‘सिरफिरी युवती’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: बीच सड़क बुलेट तोड़ी, विधायक से भिड़ी; अब हाथ जोड़कर मांगी माफी
मामूली टक्कर के बाद 'लेडी डॉन' बनी युवती का वीडियो वायरल; पुलिस के कड़े एक्शन के बाद उतरा खुमार। मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुआ मामला।

जयपुर के सोडाला में युवती ने बुलेट तोड़ी और विधायक से की बहस। वीडियो वायरल होने और पुलिस कार्रवाई के बाद युवती ने मांगी माफी।
जयपुर/राजस्थान ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : राजस्थान की राजधानी जयपुर के सोडाला इलाके में एक युवती की ‘गुंडागर्दी’ का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। 22 गोदाम पुलिया पर एक मामूली सड़क दुर्घटना के बाद उग्र हुई इस युवती ने न केवल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि बीच बचाव करने आए माननीय विधायक के साथ भी बदतमीजी की। हालांकि, कानूनी शिकंजा कसते ही अब युवती ने अपनी गलती मान ली है।
क्या था पूरा मामला? (22 गोदाम पुलिया का हंगामा)
यह घटना 23 मार्च की है, जब सड़क पर एक युवक की बुलेट और युवती की स्कूटी के बीच मामूली टक्कर हो गई। टक्कर इतनी गंभीर नहीं थी, लेकिन युवती का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। युवती ने आव देखा न ताव, पास ही पड़ा पत्थर उठाया और युवक की बुलेट के इंडिकेटर और शीशे तोड़ दिए। उसने अपने हेलमेट से भी बाइक पर कई वार किए।
विधायक से बहस और ₹1700 की डिमांड
हंगामे के दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय विधायक डॉ. गोपाल शर्मा ने जब मामला शांत कराने की कोशिश की और युवती को समझाने का प्रयास किया, तो युवती ने उनसे भी बदतमीजी शुरू कर दी। युवती का तर्क था कि टक्कर की वजह से उसकी नई पैंट फट गई है और वह युवक से ₹1,700 के मुआवजे की मांग पर अड़ी रही। उसने बीच सड़क पर जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा किया, जिसका वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिया।
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पुलिस का एक्शन और लिखित माफीनामा
वीडियो वायरल होने और विधायक के साथ अभद्रता की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने युवती को चिन्हित किया और उसके खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने और तोड़फोड़ की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस के सख्त तेवर देखते ही युवती का सारा गुस्सा शांत हो गया। दबाव बढ़ने पर उसने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और थाने में लिखित माफीनामा भी दिया।
न्यायिक प्रक्रिया जारी
जयपुर पुलिस ने इसे सार्वजनिक शांति के लिए खतरा मानते हुए मामला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया है। पुलिस का कहना है कि सड़क पर इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह पुरुष हो या महिला। कानून अपना काम कर रहा है।
जयपुर की यह घटना सड़क पर बढ़ते गुस्से (Road Rage) का एक खतरनाक उदाहरण है। मामूली बात पर कानून हाथ में लेना और सार्वजनिक रूप से तमाशा करना किसी भी सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। युवती का बाद में माफी मांगना यह दर्शाता है कि कानून का डर जरूरी है। ‘The Asia Prime’ अपील करता है कि सड़क पर संयम बरतें और विवाद होने पर कानून की मदद लें, न कि खुद जज और जल्लाद बनें।