फतेहाबाद : खुशियां मातम में बदली: बारात से लौट रहे दूल्हे के दोस्तों की गाड़ी ट्राले से टकराई; भूना के चौबारा गांव के 2 युवकों की मौत, 3 गंभीर
हांसी के सैनीपुर के पास हुआ भीषण हादसा; महावीर और मनोज की मौत से दो परिवारों के चिराग बुझे। मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया।

भूना के चौबारा गांव में शादी की खुशियां मातम में बदली। बारात से लौटते समय हुआ हादसा, महावीर और मनोज की मौत, 3 घायल।
भूना/फतेहाबाद ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : नियति का क्रूर मजाक कहें या एक भयानक लापरवाही, फतेहाबाद जिले के भूना खंड के गांव चौबारा में एक शादी की शहनाइयां अचानक चीख-पुकार में बदल गईं। दूल्हे की बारात से वापस लौट रहे उसके जिगरी दोस्तों की एसयूवी (SUV) गाड़ी एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
हादसे की पूरी जानकारी: कैसे हुई टक्कर?
जानकारी के अनुसार, गांव चौबारा से एक बारात गई हुई थी। शादी समारोह के बाद दूल्हे के करीबी दोस्त एक एसयूवी गाड़ी में सवार होकर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी हांसी के समीप गांव सैनीपुरा के पास पहुंची, तभी तेज रफ्तार गाड़ी आगे चल रहे एक अज्ञात ट्राले से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया और अंदर सवार युवक बुरी तरह फंस गए।
राहगीरों और पुलिस की मदद से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान: परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक दूल्हे के बहुत करीबी दोस्त थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे गाँव में सन्नाटा पसर गया।
- महावीर सिंह (42 वर्ष): निवासी गांव चौबारा। महावीर अपने पीछे दो मासूम बेटों (उम्र 11 और 7 वर्ष) को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए वह एकमात्र सहारा थे।
- मनोज बेनीवाल (38 वर्ष): निवासी गांव मोची वाली। मनोज के पीछे उनकी दो बेटियां (10 और 8 वर्ष) और एक छोटा बेटा (6 वर्ष) है।
मासूम बच्चों को अभी यह भी नहीं पता कि जिस शादी की खुशियां मनाने उनके पिता गए थे, वहां से अब उनकी केवल यादें ही लौटेंगी।
तीन अन्य घायल, हालत चिंताजनक
गाड़ी में सवार तीन अन्य दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों की पहचान विक्रम (35, चौबारा), कृष्ण (45, चौबारा) और विनोद (32, चंद्रावल) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
गांव में पसरा मातम, टली शादी की रस्में
जिस घर में दूल्हे के स्वागत की तैयारियां हो रही थीं, वहां अब मातम का मंजर है। गांव चौबारा में हर आंख नम है। महावीर और मनोज दोनों ही मिलनसार स्वभाव के थे और गांव के सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। हादसे के बाद शादी की अन्य रस्में रोक दी गईं और पूरे गांव ने शोक व्यक्त किया है।
सड़क हादसे समाज के लिए एक ऐसा नासूर बन गए हैं जो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रहे हैं। रात के समय तेज रफ्तार और भारी वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर न होना अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनता है। ‘The Asia Prime’ की टीम ईश्वर से प्रार्थना करती है कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायल जल्द स्वस्थ हों। साथ ही, हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि खुशी के माहौल में भी वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गति सीमा का ध्यान रखें।