नई दिल्ली:कपास किसान और टेक्सटाइल सेक्टर पर मंडराया ‘ट्रेड डील’ का खतरा: राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा; “पीयूष गोयल जी झूठ मत बोलिए, यह डील देश को बर्बाद कर देगी”
"कपास किसान या टेक्सटाइल उद्योग? राहुल गांधी ने ट्रेड डील को बताया देशघाती; बोले—मोदी सरकार ने 5 करोड़ परिवारों का भविष्य दांव पर लगाया"

संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला। अमेरिका के साथ ट्रेड डील को बताया टेक्सटाइल सेक्टर के लिए घातक। कपास किसानों की बर्बादी का जताया अंदेशा।
नई दिल्ली ब्यूरो :Satbir Jandli (THE ASIA PRIME / TAP News): संसद से लेकर सोशल मीडिया तक, भारत के टेक्सटाइल (कपड़ा) उद्योग और कपास किसानों के भविष्य को लेकर बहस छिड़ गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के बीच हुई हालिया ‘ट्रेड डील’ पर तीखा प्रहार किया है। राहुल गांधी का आरोप है कि यह समझौता भारत के उस सेक्टर की रीढ़ तोड़ देगा, जिससे करीब 5 करोड़ परिवारों का चूल्हा जलता है।
“5 करोड़ परिवारों के रोजगार पर संकट”
राहुल गांधी ने संसद में बोलते हुए कहा कि हिंदुस्तान का टेक्सटाइल सेक्टर रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है। लेकिन मोदी सरकार की व्यापार नीतियों ने देश को ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है जहाँ से केवल नुकसान ही दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने व्यापार समझौते की शर्तों को तय करते समय भारतीय उद्योगों के हितों की बलि दे दी है।
बांग्लादेश बनाम भारत: टैरिफ का गणित
राहुल गांधी ने एक बड़ा तकनीकी बिंदु उठाते हुए कहा कि इस ट्रेड डील और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के चलते भारत को दोहरा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा:
- असमान टैरिफ: बांग्लादेश को 0% और भारत पर 18% टैरिफ का बोझ है। इस भारी अंतर का नतीजा यह होगा कि बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री भारतीय बाजार और अंतरराष्ट्रीय निर्यात, दोनों में हमारे देश की इंडस्ट्री को पछाड़ देगी।
- खत्म होगी प्रतिस्पर्धा: जब पड़ोसी देश को इतना बड़ा टैक्स लाभ मिलेगा, तो भारतीय मिलें और कारखाने लागत के मामले में पिछड़ जाएंगे और अंततः बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे।
कपास किसान और टेक्सटाइल मिल्स के बीच ‘जहरीला’ विकल्प
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नेता प्रतिपक्ष ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार सच छुपा रही है।
- अमेरिकी कॉटन का आयात: सरकार का तर्क है कि अमेरिका से सस्ता कॉटन आयात करने से टेक्सटाइल सेक्टर को फायदा होगा।
- राहुल गांधी का तर्क: “सच्चाई यह है कि हमारे देश का कपास (कॉटन) ही हमारी टेक्सटाइल मिल्स की जान है। यदि हमने अमेरिका से कॉटन मंगाया, तो हमारे देश का कपास किसान बर्बाद हो जाएगा। और यदि हमने बांग्लादेश वाला रास्ता अपनाया, तो हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि यह डील देश के सामने ‘कुआं और खाई’ जैसी स्थिति पैदा कर रही है। एक तरफ कपास का किसान है और दूसरी तरफ टेक्सटाइल उद्योग का मजदूर।
“पीयूष गोयल जी, देश को गुमराह मत कीजिए”
राहुल गांधी ने सीधा हमला करते हुए कहा, “पीयूष गोयल जी झूठ मत बोलिए। यह ट्रेड डील देश को सिर्फ और सिर्फ नुकसान देगी। कपास इंडस्ट्री को खत्म करके विदेशी कॉटन को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत के खोखले वादे की पोल खोलता है।”
आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता
आर्थिक जानकारों का भी मानना है कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारत की हिस्सेदारी पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले घटी है। अगर ट्रेड डील की शर्तें भारतीय उत्पादों के पक्ष में नहीं रहीं, तो निर्यात के मोर्चे पर भारत को बड़ा झटका लग सकता है।
भारत का टेक्सटाइल सेक्टर खेती के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल राजनीतिक नहीं बल्कि गहरे आर्थिक संकट की ओर इशारा करते हैं। कपास किसान से लेकर गारमेंट एक्सपोर्टर तक, हर कोई आज इस ट्रेड डील की बारीकियों को लेकर आशंकित है।
THE ASIA PRIME / TAP News की विशेष अपील: देश की अर्थव्यवस्था के इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच स्वस्थ बहस जरूरी है। हम सरकार से मांग करते हैं कि ट्रेड डील के दस्तावेजों को सार्वजनिक कर किसान और उद्योग जगत की शंकाओं को दूर किया जाए।