लकवा और मूक-बधिरता अब लाइलाज नहीं! मुंबई के अस्पतालों में शुरू हुई अत्याधुनिक सुविधाएं; रोटरी क्लब की मदद से ₹12 लाख वाली सर्जरी अब बिल्कुल मुफ्त”

हेल्थ अपडेट: लकवा (Paralysis) और मूक-बधिर बच्चों के इलाज के लिए वरदान साबित हो रहे मुंबई के ये अस्पताल; जानें कैसे मिल सकती है मदद
मुंबई (The Asia Prime): चिकित्सा के क्षेत्र में हुई प्रगति अब असाध्य मानी जाने वाली बीमारियों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। मुंबई से दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचनाएं सामने आई हैं, जो लकवाग्रस्त मरीजों और जन्म से मूक-बधिर बच्चों के लिए जीवनदान साबित हो सकती हैं।
1. KEM अस्पताल, परेल: लकवे का आधुनिक इलाज (ब्रेन स्ट्रोक मैनेजमेंट)
मुंबई के प्रसिद्ध केईएम (KEM) अस्पताल में अब लकवाग्रस्त मरीजों के लिए विश्वस्तरीय तकनीक उपलब्ध है। यहाँ एक अत्याधुनिक ‘ऑटोमेटिक मशीन’ के जरिए मस्तिष्क की नसों में आए ब्लॉकेज को हटाया जाता है।
- विशेषता: यह प्रक्रिया एंजियोप्लास्टी की तरह ही सटीक होती है, जिससे ब्रेन ट्यूमर और स्ट्रोक जैसी स्थितियों में मरीज कुछ ही घंटों में रिकवर कर सकता है।
- विशेषज्ञ: विश्व प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. नितिन डांगे और उनकी टीम इस आधुनिक मशीन के जरिए जटिल सर्जरी करने में सक्षम है।
- महत्वपूर्ण: लकवा लगने के शुरुआती 24 घंटों (Golden Hours) के भीतर मरीज को अस्पताल पहुँचाना सबसे अधिक प्रभावी होता है। यह मशीन बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जनता को समर्पित की गई है।
2. मूक-बधिर बच्चों के लिए ‘कोक्लियर इम्प्लांट’ की मुफ्त सुविधा
यदि आप किसी ऐसे बच्चे को जानते हैं जो जन्म से सुन या बोल नहीं सकता, तो अब कोक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) सर्जरी से उसका जीवन बदला जा सकता है।
- मुफ्त इलाज: इस सर्जरी का सामान्य खर्च ₹10 से ₹12 लाख के बीच आता है, लेकिन रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे वर्ली (डिस्ट्रिक्ट 3141) के सहयोग से यह सर्जरी एसआरसीसी (SRCC) चिल्ड्रन हॉस्पिटल, मुंबई में मुफ्त की जा रही है।
- संपर्क विवरण: * संस्था: रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे वर्ली
- संपर्क व्यक्ति: डीजी रोटर राजेंद्र अग्रवाल
- मोबाइल नंबर: 9820085149
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