चीन में तख्तापलट की नाकाम कोशिश! होटल में भीषण मुठभेड़, शी जिनपिंग के 9 गार्ड्स की मौत; जनरल झांग यूश्या गिरफ्तार: बड़ा खुलासा
जिनपिंग के वफादार ही निकले जान के दुश्मन: बीजिंग के होटल में तख्तापलट की नाकाम साजिश; 9 गार्ड्स की शहादत और सेना के शीर्ष जनरलों की गिरफ्तारी का पूरा सच"

चीन में सैन्य तख्तापलट की विफल कोशिश! लेखिका शेंग शुए का दावा- जनरल झांग यूश्या ने शी जिनपिंग को गिरफ्तार करने की रची थी साजिश। होटल में मुठभेड़, 9 गार्ड्स की मौत। पूरी रिपोर्ट।
बीजिंग/कनाडा (THE ASIA PRIME / TAP News): चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और सैन्य गलियारों से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक विशेषज्ञों को हिलाकर रख दिया है। प्रसिद्ध निर्वासित चीनी लेखिका और पत्रकार शेंग शुए (Sheng Xue) ने दावा किया है कि 18 जनवरी की रात बीजिंग में शी जिनपिंग के खिलाफ एक बड़ा सैन्य तख्तापलट (Coup) करने की कोशिश की गई, जो विफल रही।
18 जनवरी की वो ‘खूनी’ रात: जिंगशी होटल की कहानी
शेंग शुए के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, घटना बीजिंग के अति-सुरक्षित जिंगशी होटल में हुई। दावे के मुताबिक:
- गिरफ्तारी की साजिश: शी जिनपिंग के सबसे वफादार माने जाने वाले जनरल झांग यूश्या (CMC के उप-अध्यक्ष) ने सशस्त्र दल के साथ मिलकर शी जिनपिंग को होटल के एक सुरक्षित कमरे में गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी।
- भीषण मुठभेड़: रात करीब 9:30 बजे जब हमलावर दल पहुँचा, तो शी की सुरक्षा टीम (Elite Guard Unit) को इसकी भनक लग गई। जिनपिंग को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, लेकिन इस दौरान हुई भीषण मुठभेड़ में शी जिनपिंग के 9 व्यक्तिगत सुरक्षा गार्ड मारे गए।
- जवाबी कार्रवाई: कुछ ही घंटों के भीतर शी की वफादार सेना ने पलटवार किया और जनरल झांग यूश्या व उनके सहयोगी जनरल ल्यू झेनली को हिरासत में ले लिया।
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आधिकारिक बयान और ‘कोडवर्ड’ का खेल
24 जनवरी को चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त और सूखा बयान जारी किया कि जनरल झांग यूश्या और ल्यू झेनली पर “अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन” के लिए जांच की जा रही है। शेंग शुए का मानना है कि यह केवल एक कोडवर्ड है। चीन अक्सर तख्तापलट जैसी घटनाओं को ‘भ्रष्टाचार’ या ‘अनुशासनहीनता’ का नाम देकर दबा देता है।
आखिर जनरल झांग ने क्यों दिया धोखा?
75 वर्षीय झांग यूश्या को शी जिनपिंग का ‘दाहिना हाथ’ माना जाता था। विशेषज्ञों के अनुसार इस विद्रोह के पीछे तीन मुख्य कारण हो सकते हैं:
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- अस्तित्व का डर: 2012 से शी ने सैकड़ों सैन्य अधिकारियों को हटाया है। झांग को डर था कि भ्रष्टाचार जांच की अगली गाज उन पर गिर सकती है।
- सैन्य गुटबाजी: चीनी सेना (PLA) के भीतर एक गुट शी जिनपिंग की बढ़ती तानाशाही और आर्थिक नीतियों से नाराज चल रहा था।
- 2027 की कांग्रेस: झांग की टीम को लगा कि यदि अभी तख्तापलट नहीं किया, तो 2027 की पार्टी कांग्रेस के बाद शी की सत्ता को चुनौती देना असंभव हो जाएगा।
घटना के बाद के हालात: परिवार और सेना पर शिकंजा
रिपोर्टों के अनुसार, केवल जनरल ही नहीं बल्कि उनके परिवारों को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं, एहतियात के तौर पर शी जिनपिंग की माता और बहन को दक्षिण चीन के शेनझेन में एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। वर्तमान में चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) को पूरी तरह पुनर्गठित किया जा रहा है और झांग के समर्थकों को सेना से चुन-चुनकर साफ किया जा रहा है।
यदि यह दावे शत-प्रतिशत सच हैं, तो यह 1970 के ‘लिन बिआओ कांड’ के बाद चीन का सबसे बड़ा सैन्य संकट है। यह घटना दर्शाती है कि बीजिंग की बंद दीवारों के पीछे सब कुछ ठीक नहीं है।