जाट और झोटे को देखते ही लट्ठ मारूंगा’ कहने वाले बिजली विभाग के SE गीतू राम सस्पेंड; सोशल मीडिया पर बयानबाजी पड़ी भारी
विवादित वीडियो वायरल होने के बाद UHBVN ने की बड़ी कार्रवाई; सस्पेंशन के बाद अब 'माफी' मांगते फिर रहे साहब।

सोनीपत में बिजली विभाग के SE गीतू राम का विवादित बयान ‘जाट और झोटा को लट्ठ मारूंगा’ उन्हें भारी पड़ गया। UHBVN ने किया सस्पेंड।
सोनीपत/पंचकूला ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के सोनीपत सर्कल में कार्यरत सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (SE) गीतू राम को उनके एक विवादित सोशल मीडिया बयान के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गीतू राम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे एक समुदाय विशेष (जाट) और पशु (झोटा) के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणी करते नजर आ रहे थे।
क्या था पूरा विवाद?
वायरल वीडियो में SE गीतू राम यह कहते सुनाई दे रहे थे कि, “मेरा बस चले तो जाट और झोटा जहाँ मिलें, वहां लट्ठ मारूँ।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया। जाट समाज और आम जनता ने सरकारी पद पर बैठे एक अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई। लोगों ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए पूछा कि “जाटों ने तो शायद कुछ बिगाड़ दिया होगा, लेकिन ‘झोटे’ ने अधिकारी का क्या बिगाड़ा था?”
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UHBVN की त्वरित कार्रवाई (Official Order)
मामले की गंभीरता को देखते हुए UHBVN पंचकूला के मैनेजिंग डायरेक्टर की मंजूरी के बाद अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर ने निलंबन के आदेश (Office Order No. 32/UH/HR-II/EBG-9/Vol-II) जारी किए।
- निलंबन: गीतू राम (HRMS Code- AY9393) को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
- हेडक्वार्टर: निलंबन की अवधि के दौरान उनका हेडक्वार्टर मुख्य अभियंता (प्रशासन), UHBVNL पंचकूला तय किया गया है।
- पाबंदी: उन्हें बिना अनुमति हेडक्वार्टर न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
अब ‘मजाक ओर वीडियो तोड़ मरोड़ कर पेश की ‘ बताकर मांग रहे हैं माफी
कार्रवाई का डंडा चलते ही गीतू राम के सुर बदल गए हैं। अब वे कह रहे हैं कि यह केवल एक ‘मजाक’ओर वीडियो तोड़ मरोड़ कर पेश की थीं और वे इसके लिए माफी मांगते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग अभी भी उन्हें आड़े हाथों ले रहे हैं। यूजर्स लिख रहे हैं कि “दूध का कर्ज चुकाना तो दूर, अधिकारी ने एहसान फरामोशी की हदें पार कर दीं।” कुछ यूजर्स ने मजाकिया लहजे में लिखा कि “गीतू भैया को शायद किसी झोटे ने सींग मार दिया था, जो इतना गुस्सा निकाल रहे थे।”
एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे अधिकारी से समाज के किसी भी वर्ग या जीव के प्रति ऐसी हिंसक भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। अनुशासनहीनता और जातिगत विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी पर विभाग की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है। ‘मजाक’ की भी एक गरिमा होती है, और जब वह सार्वजनिक रूप से किसी की भावनाओं को आहत करे, तो वह अपराध की श्रेणी में आ जाता है।
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