हिसार :₹15,000 करोड़ का GST महा-घोटाला: हिसार से 50 हजार का इनामी ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार; MBA पास बलदेव ने ऐसे बुना था जाल हिसार फतेहाबाद के भटू ओर दिल्ली से जुड़े हैं आरोपी।
नोएडा STF की बड़ी कार्रवाई; गरीबों के आधार डेटा से बनाईं 2600 फर्जी कंपनियां, अब तक 15 आरोपी सलाखों के पीछे। अतुल गुप्ता, सुमित गर्ग और मनन सिंघल के बाद अब बलदेव भी पुलिस की गिरफ्त में।

₹15,000 करोड़ के GST घोटाले में हिसार से मास्टरमाइंड बलदेव गिरफ्तार। MBA पास आरोपी ने अर्चित गोयल के साथ मिलकर बनाया था फर्जी कंपनियों का जाल। अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार।
नोएडा/हिसार। ब्यूरो चीफ: (The Asia Prime / TAP News) : देश के सबसे बड़े जीएसटी (GST) फर्जीवाड़े में शामिल 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी बलदेव को नोएडा एसटीएफ (STF) ने हरियाणा के हिसार से गिरफ्तार कर लिया है। 15 हजार करोड़ रुपये के इस चर्चित घोटाले में बलदेव लंबे समय से फरार चल रहा था। एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे उसके घर से दबोचा और नोएडा के सेक्टर-20 थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।
MBA से ‘महा-ठग’ तक का सफर
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बलदेव का बैकग्राउंड काफी शिक्षित है, लेकिन लालच ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
- शिक्षा और व्यापार: बलदेव ने साल 2012 में पंजाब यूनिवर्सिटी से MBA किया था। इसके बाद उसने हिसार में एक मेडिकल स्टोर खोला, लेकिन मुनाफा न होने के कारण उसे बंद करना पड़ा।
- दिल्ली कनेक्शन: 2014 में वह पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त के धंधे में उतरा, जहाँ उसकी मुलाकात दिल्ली निवासी अर्चित गोयल से हुई। यहीं से वह जीएसटी फर्जीवाड़े के सिंडिकेट से जुड़ गया।
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कैसे होता था 15 हजार करोड़ का खेल?
इस गैंग ने पिछले पांच सालों में लगभग 2,600 फर्जी फर्में बनाई थीं। जांच में सामने आया है कि यह घोटाला पूरी तरह ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (ITC) के दुरुपयोग पर टिका था:
- डेटा चोरी: गैंग के सदस्य झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब लोगों को सरकारी स्कीम का लालच देकर उनके आधार और पैन कार्ड की डिटेल्स ले लेते थे।
- फर्जी कंपनियां: उन दस्तावेजों पर फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कर नई कंपनियां रजिस्टर की जाती थीं। ये कंपनियां धरातल पर कहीं मौजूद नहीं थीं।
- काल्पनिक लेनदेन: बिना किसी वास्तविक व्यापार के, केवल कागजों पर ‘ई-वे बिल’ और ‘इनवॉइस’ जेनरेट किए जाते थे ताकि सरकार से टैक्स रिफंड और क्रेडिट का लाभ उठाया जा सके।
अब तक 15 गिरफ्तार, लग्जरी कारों का काफिला बरामद
इस मामले में गिरफ्तारियों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है।ये सभी आरोपी हिसार फतेहाबाद के भटू दिल्ली और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अतुल गुप्ता, सुमित गर्ग और मनन सिंघल को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी इनवॉइस, 6 फर्मों के जीएसटी सर्टिफिकेट, 2 आधार कार्ड, पैन कार्ड, ₹42,000 नकद और दो लग्जरी कारें बरामद की हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर फैला है जाल
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बलदेव सेक्टर-20 कोतवाली समेत अन्य थानों में धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तीन मामलों में वांछित था। एसटीएफ का मानना है कि इस नेटवर्क का दायरा राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है और कई अन्य राज्यों के लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। बैंक खातों और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की गहनता से जांच की जा रही है।
जीएसटी घोटाला केवल पैसे की चोरी नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार है। गरीबों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर 15 हजार करोड़ रुपये हड़पना सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बलदेव जैसे शिक्षित युवाओं का इस तरह के संगठित अपराध में शामिल होना समाज के लिए चिंता का विषय है। नोएडा पुलिस और एसटीएफ की यह कार्रवाई काबिले तारीफ है, लेकिन असली चुनौती उस पूरे नेक्सस को जड़ से खत्म करने की है।
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