हिसार में सजेगा ‘कृषि कुंभ’: मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे HAU के ‘कृषि मेला खरीफ’ का भव्य आगाज; किसानों के लिए तकनीक और ज्ञान का संगम
23 और 24 मार्च को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में उमड़ेगा अन्नदाता का सैलाब; 250 स्टालों पर दिखेगी आधुनिक खेती की झलक। कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे हिसार HAU में ‘कृषि मेला खरीफ’ का उद्घाटन। 23-24 मार्च को सजेगा ज्ञान और तकनीक का संगम। किसानों के लिए उन्नत बीज और आधुनिक यंत्रों की प्रदर्शनी।
हिसार/.ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : हरियाणा के किसानों के लिए खुशहाली और तकनीक का सबसे बड़ा मंच सजने को तैयार है। आगामी 23 और 24 मार्च को हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) में ‘कृषि मेला खरीफ’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस मेले का विधिवत उद्घाटन कर किसानों को संबोधित करेंगे। मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने आज मेला परिसर (गेट नंबर 3) का विस्तृत निरीक्षण किया और सभी प्रबंधों को पुख्ता करने के निर्देश दिए।
वीआईपी मेहमान और विशेष प्रदर्शनी
इस दो दिवसीय कृषि मेले में मुख्यमंत्री के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी शिरकत करेंगे।
- स्टालों का महाकुंभ: मेले में कुल 250 स्टालें लगाई जा रही हैं। इसमें निजी कंपनियों के साथ-साथ HAU, लुवास (LUVAS) और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय अपनी विशेष प्रदर्शनी लगाएंगे।
- सफल किसानों का अनुभव: 25 स्टालों पर प्रदेश के प्रगतिशील किसान अपने सफल अनुभवों और नवाचारों को साझा करेंगे, जिससे अन्य किसानों को प्रेरणा मिलेगी।
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किसानों के लिए क्या है खास? (Major Attractions)
मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ सीजन की फसलों के लिए तैयार करना है। यहाँ किसानों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
- उन्नत बीज और तकनीक: खरीफ फसलों और सब्जियों के उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की जानकारी और बिक्री।
- आधुनिक कृषि यंत्र: खेती की लागत घटाने और काम आसान बनाने वाले लेटेस्ट यंत्रों का सजीव प्रदर्शन।
- मिट्टी-पानी की जांच: किसान बहुत ही सामान्य शुल्क पर अपने खेत की मिट्टी और पानी की जांच करवा सकेंगे और विशेषज्ञों से समाधान पाएंगे।
- वैज्ञानिकों से सीधा संवाद: प्रश्नोत्तरी सत्र के माध्यम से किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं का हल सीधे कृषि वैज्ञानिकों से पा सकेंगे।
सांस्कृतिक रंग और विशेष व्यवस्थाएं
मेले में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि हरियाणवी संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। लोक कार्यक्रमों के जरिए किसानों का मनोरंजन किया जाएगा।
- पड़ोसी राज्यों से भी आएंगे किसान: विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रमेश यादव के अनुसार, हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, राजस्थान, यूपी और एमपी से भी बड़ी संख्या में किसानों के पहुँचने की उम्मीद है।
- सुरक्षा और फार्म भ्रमण: बालसमंद रोड स्थित गेट नंबर 3 पर पार्किंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। साथ ही किसानों के लिए अनुसंधान फार्म के भ्रमण की भी व्यवस्था है।
हिसार का यह कृषि मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सतत कृषि और आधुनिक तकनीकों का संगम ही हरियाणा के अन्नदाता को समृद्ध बना सकता है। ‘The Asia Prime’ प्रदेश के सभी किसानों से अपील करता है कि वे 23 और 24 मार्च को इस मेले का लाभ जरूर उठाएं।