हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी: अब सरकार देगी खेत की तारबंदी के लिए ₹40,000; नीलगाय और आवारा पशुओं से मिलेगी मुक्ति
फसल सुरक्षा के लिए हरियाणा कृषि विभाग की बड़ी पहल; तारबंदी (फेंसिंग) पर मिलेगी भारी सब्सिडी। जानें— किन दस्तावेजों की होगी जरूरत और कैसे करना है आवेदन?

हरियाणा सरकार खेतों की तारबंदी (Fencing) के लिए दे रही है ₹40,000 तक की सब्सिडी। नीलगाय और आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए सुनहरा मौका। जानें पूरी आवेदन प्रक्रिया।
चंडीगढ़/ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : हरियाणा के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। खेतों में खड़ी फसल को आवारा पशुओं और नीलगायों से बचाने की जद्दोजहद अब खत्म होने वाली है। हरियाणा सरकार ने किसानों को आर्थिक संबल देते हुए खेतों की तारबंदी (Fencing) पर भारी सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को ₹40,000 तक की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
क्यों जरूरी है यह योजना?
प्रदेश के किसान लंबे समय से आवारा पशुओं और नीलगायों की समस्या से जूझ रहे हैं। रात-भर जागकर फसलों की रखवाली करने के बावजूद कई बार पशु पूरी की पूरी फसल चट कर जाते हैं या उसे रौंद देते हैं। इससे किसानों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए सरकार अब खेत के चारों तरफ तारबंदी करवाने का खर्च खुद वहन कर रही है।
सब्सिडी का गणित और पात्रता
- आर्थिक सहायता: योजना के तहत किसान अपने खेत के चारों ओर तारबंदी करवा सकते हैं और कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा (अधिकतम ₹40,000 तक) सब्सिडी के रूप में वापस पा सकते हैं।
- जरूरी दस्तावेज: आवेदन के लिए किसान के पास निम्नलिखित कागजात होने अनिवार्य हैं:
- खेत के मालिकाना हक के दस्तावेज (जमाबंदी/फर्द)
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (Passbook)
- मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण
आवेदन की प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है ताकि अंतिम छोर पर बैठा किसान भी इसका लाभ ले सके:
- ऑनलाइन माध्यम: किसान भाई Haryana Agriculture Department की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्वयं या किसी इंटरनेट कैफे के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
- ऑफलाइन माध्यम: यदि ऑनलाइन में दिक्कत आए, तो आप अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय (Department of Agriculture) या सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
फसल बीमा के साथ-साथ फसल सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। तारबंदी योजना से न केवल किसानों की मेहनत बचेगी, बल्कि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। अक्सर देखा गया है कि छोटे किसान बाड़ लगाने का खर्च वहन नहीं कर पाते, उनके लिए ₹40,000 की यह मदद किसी वरदान से कम नहीं है। ‘The Asia Prime’ की सलाह है कि किसान भाई जल्द से जल्द आवेदन करें क्योंकि ऐसी योजनाओं में बजट और समय सीमा सीमित होती है।