फतेहाबाद: नामी पेस्टीसाइड कंपनी नागार्जुन एनएसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (NACL) के MD और चेयरपर्सन समेत 12 पर FIR; डीलर के 1.63 करोड़ हड़पने का आरोप
रतिया के डीलर के साथ 'कॉर्पोरेट धोखाधड़ी'; फर्जी ईमेल, जाली सिग्नेचर और जाली बिलों के जरिए लगाया करोड़ों का चूना। ASP की जांच के बाद 12 अधिकारियों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज।

नागार्जुन एनएसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (NACL) के अधिकारियों पर रतिया में FIR। डीलर जसबीर सिंह के 1.63 करोड़ रुपये हड़पने और फर्जी बिलिंग का आरोप। फतेहाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
रतिया/फतेहाबाद ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया में एक बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हैदराबाद (तेलंगाना) स्थित मशहूर पेस्टीसाइड कंपनी नागार्जुन एनएसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (NACL) के एमडी, चेयरपर्सन और 12 उच्चाधिकारियों के खिलाफ रतिया सिटी पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इन पर एक स्थानीय डीलर के 1.63 करोड़ रुपये हड़पने और उसकी फर्म के नाम पर फर्जी बिलिंग करने के गंभीर आरोप हैं।
कैसे हुआ करोड़ों का ‘खेल’?
रतिया निवासी डीलर जसबीर सिंह (हरियाणा पेस्टीसाइड) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह साल 2008 से कंपनी के साथ व्यापार कर रहे थे। धोखाधड़ी की कहानी साल 2019 से शुरू हुई:
- टारगेट के नाम पर झांसा: कंपनी के अधिकारियों ने अपना सेल्स टारगेट पूरा करने के लिए जसबीर की फर्म के नाम पर बिना ऑर्डर के बिल काटना शुरू कर दिया।
- माल कहीं और, बिल डीलर के नाम: आरोपियों ने जसबीर की फर्म के नाम पर फर्जी बिल जारी किए, लेकिन माल जसबीर को भेजने के बजाय अन्य दुकानदारों को बेच दिया गया।
- फर्जी स्टैम्प और सिग्नेचर: जसबीर का आरोप है कि उनकी फर्म की फर्जी मोहरें बनाई गईं और उनके जाली हस्ताक्षर कर बिल पास कराए गए।
- फर्जी ईमेल आईडी का खेल: आरोपियों ने डीलर के नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई और खुद ही कंपनी को करोड़ों रुपये की बैलेंस कन्फर्मेशन की मेल भेज दी, ताकि रिकॉर्ड में बकाया दिखाया जा सके।
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हिसाब मांगा तो निकला 1.63 करोड़ का बकाया
जब दिसंबर 2023 में कंपनी ने जसबीर से 2.54 करोड़ रुपये की मांग की, तो उनके होश उड़ गए। जसबीर ने अपने रिकॉर्ड का मिलान किया तो पाया कि:
- कंपनी ने उनके नाम पर ₹47.40 लाख के फर्जी बिल जारी किए हुए हैं।
- साल 2023-24 में उन्होंने कोई माल नहीं खरीदा, फिर भी लाखों की सेल दिखाई गई।
- वास्तव में, जसबीर के इन्सेंटिव और क्रेडिट नोट मिलाकर कंपनी की तरफ ₹1,63,45,231 बकाया निकलते हैं।
इन दिग्गजों पर दर्ज हुई FIR
एएसपी (ASP) रतिया की गहन जांच के बाद पुलिस ने कंपनी के इन बड़े चेहरों पर केस दर्ज किया है:
- पवन कुमार (MD), लक्ष्मी राज (डायरेक्टर व चेयरपर्सन)
- वीएन राजू (NSM), कानन उपाध्याय (VP), रघुचिंद्र (AGM)
- सुशील शर्मा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. योगेश प्रताप सिंह
- सुखविंद्र सिंह (डिपो इंचार्ज), मनोज कुमार (TM), किरन कैन्डे, और कपिल बालयान (जोनल मैनेजर)।
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पुलिस की कार्रवाई
रतिया सिटी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 409 (अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेजों में जालसाजी) और षड्यंत्र रचने के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब कंपनी के रिकॉर्ड और फर्जी ईमेल आईडी के टेक्निकल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
यह मामला छोटे व्यापारियों और डीलर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है। नामी कंपनियां अपने सेल्स टारगेट को पूरा करने के लिए किस हद तक जा सकती हैं, यह रतिया का यह मामला साबित करता है। सिक्योरिटी चेक और लेटरपैड का दुरुपयोग किसी भी व्यापारी को बर्बाद कर सकता है। फतेहाबाद पुलिस की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, जिससे कॉर्पोरेट जगत के भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।