नासिक सेक्स स्कैंडल: ‘कैप्टन’ खरात के पापों की आंच में झुलसी महायुति सरकार; CM फडणवीस के कड़े रुख के बाद रूपाली चाकणकर का इस्तीफा
महाराष्ट्र का एपस्टीन" बना ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात; 58 अश्लील वीडियो और 'ब्लैक मैजिक' के आरोपों ने हिला दी महाराष्ट्र की सियासत। SIT जांच के बीच महिला आयोग अध्यक्ष की विदाई।

नासिक तांत्रिक सेक्स स्कैंडल में फंसी रूपाली चाकणकर ने मुख्यमंत्री फडणवीस के आदेश पर दिया इस्तीफा। अशोक खरात के पास मिले 58 गंदे वीडियो ने बढ़ाई सरकार की टेंशन।
चंडीगढ़/मुंबई ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त ‘नासिक सेक्स स्कैंडल’ ने भूचाल ला दिया है। स्वयंभू ज्योतिषी और तांत्रिक अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन’ की गिरफ्तारी के बाद अब इसकी गाज सीधे तौर पर सत्ता के गलियारों में गिरी है। मामले की गंभीरता और महायुति सरकार की हो रही चौतरफा फजीहत को देखते हुए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उनके कड़े आदेश के बाद महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
कैसे फंसीं रूपाली चाकणकर?
अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता रूपाली चाकणकर की मुश्किलें तब बढ़ीं, जब सोशल मीडिया पर उनके और तांत्रिक खरात के कुछ पुराने वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गईं।
- वायरल वीडियो: एक वीडियो में चाकणकर को अशोक खरात के पैर धोते हुए दिखाया गया है, जबकि कुछ तस्वीरों में वह उनके लिए छाता पकड़े नजर आ रही हैं।
- ट्रस्टी का नाता: यह भी खुलासा हुआ कि चाकणकर, खरात के ‘श्री शिवनिका संस्थान ट्रस्ट’ में निदेशक (Trustee) थीं।
- आरोप: विपक्षी दलों, विशेषकर शिवसेना (UBT) की सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया कि चाकणकर न केवल खरात के ‘ब्लैक मैजिक’ अनुष्ठानों में शामिल थीं, बल्कि उन्होंने पीड़ित महिलाओं को शिकायत न करने के लिए धमकाया भी था।
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ढोंगी ‘कैप्टन’ खरात का काला चिट्ठा
67 वर्षीय अशोक खरात, जो खुद को मर्चेंट नेवी का रिटायर्ड कैप्टन बताता था, नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस की गिरफ्त में है।
- बलात्कार के आरोप: एक 35 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद यह पूरा मामला खुला। महिला का आरोप है कि खरात ने उसे दैवीय शक्तियों का झांसा देकर और नशीला पदार्थ खिलाकर 2022 से 2025 के बीच कई बार दुष्कर्म किया।
- 58 आपत्तिजनक वीडियो: पुलिस ने खरात के पास से एक पेनड्राइव बरामद की है, जिसमें 58 अश्लील वीडियो मिले हैं। इनमें कई हाई-प्रोफाइल महिलाओं और हस्तियों के होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण इसे “महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल्स” कहा जा रहा है।
- SIT का गठन: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस का ‘हंटर’
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चाकणकर को अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर बुलाया और स्पष्ट रूप से कहा कि नैतिकता के आधार पर उनका पद पर बने रहना अब मुमकिन नहीं है। इसके तुरंत बाद चाकणकर ने अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री और राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को सौंप दिया। हालांकि, चाकणकर ने सफाई देते हुए कहा कि वह खरात को गुरु मानती थीं, लेकिन उनके निजी कुकर्मों से वाकिफ नहीं थीं।
विपक्ष की मांग: “केवल इस्तीफा काफी नहीं”
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में कहा कि केवल रूपाली चाकणकर का इस्तीफा काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जाएं, क्योंकि उसके तार ‘गल्ली से दिल्ली’ तक के बड़े नेताओं से जुड़े हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार “बड़ी मछलियों” को बचाने के लिए दबाव बना रही है।
एक तरफ सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ महिला आयोग की प्रमुख का एक ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ा होना, जिस पर दर्जनों महिलाओं के यौन शोषण का आरोप है, बेहद शर्मनाक है। यह इस्तीफा केवल राजनीतिक मजबूरी है या न्याय की दिशा में पहला कदम, यह तो SIT की जांच ही बताएगी। लेकिन इस कांड ने यह साफ कर दिया है कि आस्था के नाम पर चल रहे इन ‘दुकानों’ के पीछे सत्ता का संरक्षण कितना गहरा है।