जमीन के टुकड़े के लिए खूनी जंग: सगे भाइयों में चली अंधाधुंध गोलियां; ट्रैक्टर से रौंदा, लाठियों से पीटा— 2 की मौत, 12 घायल
राजस्थान के भरतपुर में हैवानियत की हदें पार; सगे भाई ने भाई पर 8 बार चढ़ाया ट्रैक्टर, बुजुर्ग पिता के सामने बिछ गई बेटों की लाशें। रूह कंपा देने वाला वीडियो वायरल।

भरतपुर के अड्डा गांव में जमीन विवाद में भाइयों के बीच खूनी जंग। ट्रैक्टर से कुचलकर भाई की हत्या, फायरिंग में 2 की मौत और 12 घायल।
भरतपुर/ ब्यूरो चीफ: सतबीर जांडली (The Asia Prime / TAP News) : जमीन का विवाद इंसान को कितना अंधा और हैवान बना सकता है, इसकी एक खौफनाक तस्वीर राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना थाना क्षेत्र के अड्डा गांव से सामने आई है। यहां महज कुछ बीघा जमीन के लिए सगे भाइयों के बीच ऐसा खूनी संघर्ष हुआ कि पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि महिलाओं सहित 12 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटना का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह है जब एक भाई ने दूसरे भाई पर तब तक ट्रैक्टर चढ़ाया, जब तक उसके प्राण नहीं निकल गए।
क्या है पूरा मामला? (अड्डा गांव की खूनी रंजिश)
अड्डा गांव के रहने वाले बहादुर सिंह और उनके सगे भाई अतर सिंह के बीच पिछले काफी समय से जमीन के एक हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार सुबह यह विवाद उस समय हिंसक हो गया जब बहादुर सिंह का पक्ष ट्रैक्टर लेकर विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंचा। अतर सिंह के परिवार ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे। देखते ही देखते मौके पर कई राउंड फायरिंग भी हुई।
हैवानियत: भाई पर 8 बार चढ़ाया ट्रैक्टर
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, संघर्ष के दौरान अतर सिंह का बेटा निरपत नीचे गिर गया। जैसे ही वह गिरा, दूसरे पक्ष के उसके सगे भाई (रिश्ते में चचेरे भाई) दामोदर ने उस पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। आरोप है कि हमलावर ने एक बार नहीं, बल्कि 8 बार ट्रैक्टर को आगे-पीछे कर निरपत को बुरी तरह कुचल दिया। पास खड़ी महिलाएं और बुजुर्ग चीखते रहे, लेकिन हमलावर का दिल नहीं पसीजा। वहीं, एक अन्य बुजुर्ग पर भी ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया गया और घायलों को नीचे गिराकर लाठियों से बेरहमी से पीटा गया।
12 घायल, इलाके में भारी तनाव
इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों की महिलाओं सहित 12 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें बयाना और भरतपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दामोदर को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मानवाधिकारों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए इसे ‘जंगलराज’ करार दिया है। भरतपुर एसपी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
भरतपुर की यह घटना समाज के गिरते नैतिक स्तर का जीता-जागता सबूत है। ‘जर, जोरु और जमीन’ के चक्कर में सगे भाई का गला काटना नई बात नहीं है, लेकिन जिस तरह से सरेआम ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या की गई, वह रूह कंपा देने वाला है। सवाल केवल पुलिस की देरी का नहीं है, बल्कि उस सामाजिक ढांचे का भी है जहां आपसी संवाद खत्म हो चुका है और उसकी जगह केवल हिंसा ने ले ली है। यदि समय रहते गांव के बड़े-बुजुर्ग या स्थानीय प्रशासन हस्तक्षेप करता, तो शायद दो घरों के चिराग नहीं बुझते।