CJI का रोहतक दौरा और गहराता विवाद: 156 करोड़ के घोटाले के आरोपी के साथ मंच साझा करेंगे मुख्य न्यायाधीश? मीडिया में हलचल
न्याय की कुर्सी और विवादों का साया: रोहतक में CJI के दौरे से पहले मंचासीन अतिथियों पर उठे सवाल; ED की जांच झेल रहे कारोबारी के साथ मौजूदगी पर बढ़ा तनाव"

क्या सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को अंधेरे में रखा जा रहा है? रोहतक में कल आयोजित होने वाले कार्यक्रम में CJI के साथ मंच पर एक ऐसा चेहरा नजर आ सकता है, जिस पर ED ने ₹156 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिकंजा कसा हुआ है।
रोहतक ब्यूरो :Satbir Jandli(THE ASIA PRIME / TAP News): सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के 14 फरवरी (शनिवार) के रोहतक दौरे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला उस समय सुर्खियों में आया जब यह सूचना मिली कि CJI श्री बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी (SBMU) के एक कार्यक्रम में ऐसे उद्योगपति के साथ मंच साझा कर सकते हैं, जो प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में हैं।
विवाद का मुख्य केंद्र: ₹156 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग और ED की कार्रवाई
खबरों के अनुसार, रोहतक स्थित LPS Bossard कंपनी के एमडी और समाजसेवी राजेश जैन के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक ऋण चूक (Loan Default) के मामले में गंभीर कार्रवाई की है।
- संपत्ति की कुर्की: अप्रैल 2025 में ED ने करीब 156.33 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थीं। यह कार्रवाई कैनरा बैंक और SBI के साथ ₹176 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपों (CBI FIR के आधार पर) के बाद की गई थी।
- आरोप: कंपनी और उसके प्रमोटरों पर फर्जी स्टॉक स्टेटमेंट देने और बैंक ऋण को डायवर्ट करने के आरोप हैं।
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CJI का कार्यक्रम और सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल
मर्यादा और न्यायिक गरिमा का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया कर्मियों और सूत्रों ने सवाल उठाए हैं कि:
- सुरक्षा एजेंसियों की चूक: CID और IB जैसी एजेंसियां इस बात से कैसे बेखबर रहीं कि एक दागी उद्योगपति, जिसके खिलाफ ED की चार्जशीट और कुर्की की कार्रवाई चल रही है, वह CJI के साथ सार्वजनिक मंच साझा करने वाला है?
- आयोजन का खर्च: आरोप है कि इस विशेष कार्यक्रम का खर्च उन्हीं उद्योगपतियों द्वारा उठाया गया है, जिन्हें मंच पर सम्मानित किया जाना है।
- CJI की अनभिज्ञता: माना जा रहा है कि CJI सूर्यकांत को मंच पर उपस्थित अन्य व्यक्तियों के कानूनी बैकग्राउंड की जानकारी नहीं है, क्योंकि वे एक आधिकारिक और अकादमिक कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे हैं।
CJI के अन्य कार्यक्रम और मीडिया पर ‘बैन’
- MDU में एलुमनी मीट: CJI महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) के कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। यहाँ चर्चा है कि मीडिया की एंट्री को लेकर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिस पर पत्रकार संगठनों ने आपत्ति जताई है।
- जिला बार एसोसिएशन: आखिरी कार्यक्रम जिला बार एसोसिएशन में होगा, जो उनका आधिकारिक अभिनंदन समारोह है।
अगला कदम और मीडिया अलर्ट
इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट और हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल के जरिए अलर्ट भेजा गया है। मीडिया कर्मियों को भी सलाह दी गई है कि वे आयोजन के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए मंच पर मौजूद व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखें।