हांसी पुलिस का ‘सुपर एक्शन’: 48 घंटे में सुलझाया प्रॉपर्टी डीलर का ब्लाइंड मर्डर; DGP ने किया ₹50,000 इनाम का ऐलान
"सोने के गहनों के लालच में दोस्त ही बना कातिल; हांसी पुलिस की 15 टीमों ने वैज्ञानिक तरीके से बेनकाब किया हत्यारों का चेहरा"

हांसी में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या का 48 घंटे में खुलासा। सैलून संचालक ने दोस्तों के साथ मिलकर रची थी लूट और कत्ल की साजिश। मुख्य आरोपी गिरफ्तार, DGP देंगे 50 हजार का इनाम।
हांसी/चंडीगढ़ (The Asia Prime): हरियाणा की हांसी पुलिस ने अपनी पेशेवर दक्षता और वैज्ञानिक जांच का लोहा मनवाते हुए प्रॉपर्टी डीलर सुभाष चन्द्र की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को मात्र 48 घंटे में सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को दबोचा, बल्कि लूट और हत्या की इस पूरी साजिश का भी पर्दाफाश कर दिया है।
इस बड़ी उपलब्धि पर हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने हांसी पुलिस टीम को ₹50,000 के नकद इनाम और प्रशंसा पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की है।
क्या थी वारदात?
बीते 3 फरवरी 2026 को हांसी के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में प्रॉपर्टी डीलर सुभाष चन्द्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस के पास कोई प्रत्यक्ष सुराग नहीं था, जिससे यह मामला एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ बन गया था। पुलिस अधीक्षक (SP) अमित यशवर्धन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत 15 टीमों का गठन किया।
सोने की चेन और कड़े के लिए ली जान
जांच में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला है। मुख्य आरोपी गुरमीत का सेक्टर-5 में सैलून था, जहाँ सुभाष चन्द्र नियमित रूप से आते थे। गुरमीत जानता था कि सुभाष हमेशा गले में सोने की चेन और हाथ में भारी कड़ा पहनते हैं।
- साजिश: करीब डेढ़ माह पूर्व गुरमीत मध्य प्रदेश के छतरपुर गया था, जहाँ उसकी दोस्ती पवन, महेंद्र, संजू और आकाश से हुई।
- लूट की योजना: इन सभी ने मिलकर पैसों के लिए लूट की योजना बनाई। वारदात के लिए गुरमीत ने अपनी मोटरसाइकिल उपलब्ध करवाई और सभी ने मिलकर सुभाष चन्द्र की हत्या कर उनके गहने लूट लिए।

मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार
5 फरवरी की रात को पुलिस ने मुख्य आरोपी गुरमीत को घेरा। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, जिस दौरान वह घायल हो गया। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस हिरासत में है।
DGP और SP का कड़ा संदेश
डीजीपी हरियाणा अजय सिंघल ने कहा कि यह त्वरित कार्रवाई हरियाणा पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उदाहरण है। वहीं SP अमित यशवर्धन ने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और इस मामले में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।