फैक्ट चेक: क्या फिल्म अभिनेत्री नरगिस के ‘मामा’ थे जवाहरलाल नेहरू? सोशल मीडिया पर वायरल ‘इलाहाबादी रिश्तों’ की कहानी का पूरा सच
सोशल मीडिया का नया 'महाभारत': नेहरू और नरगिस के रिश्तों पर वायरल पोस्ट का विश्लेषण; क्या वाकई मोतीलाल नेहरू थे जद्दनबाई के पिता? जानें इतिहास की हकीकत"

सोशल मीडिया का नया ‘महाभारत’: नेहरू और नरगिस के रिश्तों पर वायरल पोस्ट का विश्लेषण; क्या वाकई मोतीलाल नेहरू थे जद्दनबाई के पिता? जानें इतिहास की हकीकत
नई दिल्ली ब्यूरो: Satbir Jandli (THE ASIA PRIME / TAP News): इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में ऐतिहासिक हस्तियों के निजी जीवन को लेकर कई तरह की कहानियाँ तैरती रहती हैं। हाल ही में एक विस्तृत पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें नेहरू परिवार और अभिनेत्री नरगिस के परिवार के बीच ‘रक्त संबंधों’ का दावा किया गया है। लेखक रजनीकुमार पंड्या की किताब ‘आप की परछाइयां’ का हवाला देते हुए इस दावे को सनसनीखेज तरीके से पेश किया गया है।
क्या है वायरल दावा?
वायरल पोस्ट के अनुसार, नरगिस की नानी ‘दिलीपा’ (जो एक हिंदू विधवा थीं) के संबंध मोतीलाल नेहरू से थे। दावा किया गया है कि उनसे ‘जद्दनबाई’ पैदा हुईं, जो नरगिस की माँ थीं। इस हिसाब से जद्दनबाई, जवाहरलाल नेहरू की सौतेली बहन हुईं और नेहरू, नरगिस के मामा। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि जद्दनबाई ने नेहरू को राखी बांधी थी और मोतीलाल नेहरू की मृत्यु पर उनकी नानी ने चूड़ियाँ तोड़ी थीं।
इतिहास के पन्नों में सच की तलाश: फैक्ट चेक
इस दावे की पुष्टि के लिए जब ऐतिहासिक दस्तावेजों और जीवनी लेखकों के तथ्यों को खंगाला गया, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है।
1. जद्दनबाई का मूल वंश
ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, जद्दनबाई का जन्म 1892 के आसपास हुआ था। उनकी माँ का नाम दलीपा बाई था, जो इलाहाबाद की एक मशहूर तवायफ (गालिका) थीं। जद्दनबाई के पिता के रूप में इतिहासकार अक्सर एक सारंगी वादक मियांजान का जिक्र करते हैं। मोतीलाल नेहरू के साथ दलीपा बाई के संबंधों का कोई भी आधिकारिक या समकालीन दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
2. ‘आप की परछाइयां’ किताब का संदर्भ
वरिष्ठ लेखक रजनीकुमार पंड्या की किताब ‘आप की परछाइयां’ में कई फिल्मी और मशहूर हस्तियों के अनछुए पहलुओं का जिक्र है। यह सच है कि इस किताब में इलाहाबाद के उस दौर के सामाजिक परिवेश और नेहरू परिवार व जद्दनबाई के परिवार के बीच ‘पारिवारिक परिचय’ की बात कही गई है, लेकिन इसे ‘रक्त संबंध’ के तौर पर स्थापित करना ऐतिहासिक रूप से विवादास्पद है।
3. नेहरू और नरगिस: भावनात्मक रिश्ता बनाम खून का रिश्ता
जवाहरलाल नेहरू और नरगिस के बीच के रिश्तों में बहुत सम्मान था। नरगिस, नेहरू को ‘चाचा’ कहकर बुलाती थीं। इंदिरा गांधी और नरगिस के बीच भी गहरी दोस्ती थी।
- राखी की बात: यह सच है कि जद्दनबाई और नेहरू के बीच घनिष्ठ पारिवारिक संबंध थे और वे उन्हें भाई मानती थीं। उस दौर में इस तरह के ‘मुंहबोले’ रिश्ते बहुत आम थे।
- समान पृष्ठभूमि: दोनों ही परिवार इलाहाबाद (प्रयागराज) से ताल्लुक रखते थे। मोतीलाल नेहरू उस समय के सबसे बड़े वकील थे और जद्दनबाई की माँ दलीपा बाई वहां की मशहूर कलाकार थीं। उस दौर के रईसों और वकीलों का कलाकारों के कार्यक्रमों में जाना एक सामाजिक चलन था, जिसे अक्सर गलत अर्थों में प्रचारित किया जाता है।
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4. मंज़ूर अली सोख़्त का दावा
पोस्ट में जिक्र किया गया है कि मंज़ूर अली ने खुद को मोतीलाल नेहरू का बेटा बताया था। इतिहास में ऐसे कई दावे समय-समय पर सामने आए हैं, लेकिन इनमें से किसी को भी अदालत या परिवार द्वारा कभी स्वीकार नहीं किया गया। बिना किसी DNA टेस्ट या पुख्ता कानूनी साक्ष्य के, ऐसे दावों को ऐतिहासिक सत्य मानना कठिन है।
निष्कर्ष: सच क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल यह कहानी तथ्यों और कल्पनाओं का एक जटिल मिश्रण है।
- संबंध: नेहरू और नरगिस के परिवारों के बीच इलाहाबाद के समय से घनिष्ठ ‘मित्रता’ और ‘भावनात्मक’ संबंध थे।
- दावा: मोतीलाल नेहरू का जद्दनबाई का पिता होना एक अपुष्ट और काल्पनिक दावा अधिक प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक या सनसनी पैदा करना हो सकता है।
- नरगिस के असली पिता: नरगिस के पिता अब्दुल राशिद (पहले मोहन बाबू) थे, जो एक संपन्न पंजाबी ब्राह्मण परिवार से थे और जद्दनबाई के प्यार में मुस्लिम बन गए थे।
THE ASIA PRIME का फैसला: यह वायरल पोस्ट ऐतिहासिक रूप से भ्रामक है। नेहरू और नरगिस के बीच ‘मामा-भांजी’ का रिश्ता ‘मुंहबोला’ और भावनात्मक था, न कि जैविक (Biological)।