फतेहाबाद: जांडली खुर्द वाटर वर्क्स में 2022 से मंडरा रहा मौत का खतरा; बिजली विभाग की लापरवाही से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
न थिम्बल, न हैंडल—सीधे तारों के भरोसे चल रही प्यासे गांव की सप्लाई; अधिकारियों ने सरपंच और जिला परिषद सदस्यों की बात भी की अनसुनी।

फतेहाबाद के जांडली खुर्द वाटर वर्क्स में 2022 से ट्रांसफार्मर खराब। बिजली विभाग की अनदेखी पर सरपंच, जिला परिषद सदस्य और ब्लॉक समिति चेयरमैन के फोन भी बेअसर। The Asia Prime के हस्तक्षेप के बाद XEN टोहाना ने दिया कार्यवाही का भरोसा।
फतेहाबाद:/भुना ब्यूरो चीफ़:सतबीर जांडली(THE ASIA PRIME / TAP News) हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव जांडली खुर्द में सरकारी सिस्टम की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जो किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रही है। गांव के वाटर वर्क्स का ट्रांसफार्मर पिछले करीब चार सालों से खस्ताहाल है, लेकिन बिजली विभाग (DHBVN) कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। आलम यह है कि 2022 से लगातार पत्र लिखे जाने के बावजूद आज तक न तो ट्रांसफार्मर के थिम्बल ठीक किए गए और न ही हैंडल लगाया गया।
2022 से फाइलों में कैद है समाधान
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी उपमण्डल (Public Health Engineering) द्वारा 17 मई 2022 को पत्र क्रमांक 2159 के जरिए पहली बार विभाग को सूचित किया गया था। इसके बाद 26 मई 2022 को दोबारा पत्र (क्रमांक 2376) लिखकर चेतावनी दी गई थी कि ट्रांसफार्मर का हैंडल खराब है और तारें सीधे जोड़ी गई हैं। बिना हैंडल के बिजली काटना या जोड़ना कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
नेताओं की सिफारिश भी फेल, अधिकारियों ने मोड़ा मुंह
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए:
- जांडली खुर्द के सरपंच बलवान पुनिया,
- जिला परिषद सदस्य गगन गोदारा,
- ब्लॉक समिति चेयरमैन महिंद्र सोढ
इन सभी जन प्रतिनिधियों ने भूना बिजली विभाग के SDO को कई बार फोन किए और समस्या के बारे में बताया। लेकिन विडंबना देखिए कि विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और ग्रामीणों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया।
The Asia Prime की पहल: XEN टोहाना ने दिया लिखित शिकायत पर आश्वासन
जब गांव के परेशान युवाओं ने THE ASIA PRIME की टीम से संपर्क किया, तो चीफ एडिटर सतबीर जांडली ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत XEN टोहाना से बात की। XEN ने मामले का संज्ञान लेते हुए लिखित शिकायत व्हाट्सएप पर मांगी है और विश्वास दिलाया है कि इस पुरानी समस्या का समाधान बहुत जल्द कर लिया जाएगा।
खतरे की घंटी: कभी भी हो सकता है हादसा
गांव के युवा सोमनाथ पुनिया ने बताया कि वाटर वर्क्स में बिजली के तार सीधे जुड़े होने के कारण शॉर्ट सर्किट का डर बना रहता है। हैंडल न होने की स्थिति में इमरजेंसी में बिजली काटना नामुमकिन है। यदि कोई हादसा होता है या गांव की पानी सप्लाई बंद होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
“यह केवल पानी की सप्लाई का मामला नहीं, बल्कि हमारे गांव के कर्मचारियों और ऑपरेटरों की जान का सवाल है। 2022 से चली आ रही इस लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” — गांव के युवा