जांडली कलां: “समता और मानवता का संदेश ही असली धर्म”; गुरु रविदास जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, विवेक भैरो ने दी शुभकामनाएं
"जांडली कलां में गूंजे गुरु रविदास के जयकारे: विवेक भैरो ने याद किए गुरु के विचार; बोले—समता और सद्भाव ही समाज की असली शक्ति"

गांव जांडली कलां में धूमधाम से मनाई गई गुरु रविदास जयंती। विवेक भैरो ने मानवता और समता का संदेश दिया। गुणपाल परिवार और ग्रामीणों ने किया भव्य आयोजन।
जांडली कलां/फतेहाबाद (The Asia Prime): दिनांक: 1 फरवरी 2026
आज फतेहाबाद जिले के गांव जांडली कलां में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती बड़ी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि विजय कमांडो के सुपुत्र विवेक भैरो ने मुख्य रूप से शिरकत की और गुरु महाराज के चरणों में शीश नवाया। उनके साथ रमेश कॉमरेड, मास्टर सुनील भैरो, सुनील जागलान और सुरेश जागलान सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
समता और सद्भाव का संदेश
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विवेक भैरो ने कहा, “संत रविदास जी का संदेश—समता, सद्भाव और मानवता—आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और समाज के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा देने और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने का कार्य करते हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर एक सशक्त और एकजुट समाज का निर्माण करना चाहिए।”
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आयोजकों का जोश और उत्साह
कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में शामिल बुजुर्ग सिसपाल गुणपाल ने गुरु रविदास जी की महिमा का गुणगान करते हुए आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि गुरु रविदास जी ने हमेशा कर्म की प्रधानता और ईश्वर की भक्ति का सरल मार्ग दिखाया है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भक्तिमय आयोजन में गुणपाल परिवार और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम में पपु गुणपाल, राजमल गुणपाल, मनोज्ञ गुणपाल, बिंटू गुणपाल, डॉ. बाग्गा उर्फ रामफल गुणपाल, मनफूल गुणपाल, फौजी गुणपाल और देसा नंबरदार आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर संत रविदास जी के विचारों को स्मरण किया और समाज कल्याण का संकल्प लिया।
विवेक भैरो ने इस सफल और गरिमामय आयोजन के लिए सिसपाल गुणपाल और समस्त आयोजकों को हार्दिक बधाई दी और उनका धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।