कुश्ती के ‘दबदबे’ वाली यह कैसी तस्वीर? प्रो रेसलिंग लीग में बृजभूषण के सामने नतमस्तक हुए दिग्गज; खेल मंत्री और दुष्यंत चौटाला के ‘चरण वंदन’ पर उठे गंभीर सवाल
"नैतिकता को ताक पर रखकर कुश्ती के 'बाहुबली' का शक्ति प्रदर्शन: बेटियों को प्रताड़ित करने वाले के चरणों में गिरे हरियाणा के नेता; खेल मंत्री की मौजूदगी ने खड़े किए सवाल"

प्रो रेसलिंग लीग में बृजभूषण शरण सिंह के साथ दिखे खेल मंत्री और दुष्यंत चौटाला। खिलाड़ियों के अपमान और नैतिकता के पतन पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा। विशेष रिपोर्ट।
नई दिल्ली/चंडीगढ़ (The Asia Prime): भारतीय कुश्ती पिछले दो सालों से जिस काले दौर से गुजर रही है, उसमें नैतिकता और शर्म-लिहाज की उम्मीद करना शायद बेमानी हो गया है। हाल ही में आयोजित प्रो रेसलिंग लीग के मंच से कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने न केवल खेल प्रेमियों को हैरान किया है, बल्कि उन पीड़ित महिला खिलाड़ियों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है, जो न्याय के लिए सड़कों पर उतरी थीं।
ब्रजभूषण का ‘समानांतर’ दबदबा?
प्रो रेसलिंग लीग के इस आयोजन को जानकार कुश्ती पर बृजभूषण शरण सिंह का अपना दबदबा दिखाने का एक शक्ति प्रदर्शन मान रहे हैं। तकनीकी रूप से बृजभूषण अब कुश्ती संघ के अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन लीग के दौरान जिस तरह से वह केंद्र में रहे, उससे ऐसा लगा मानो सत्ता आज भी उन्हीं के हाथ में है।
खेल मंत्री की ‘सामाजिक वैधता’: जल्दबाजी या मजबूरी?
सबसे ज्यादा हैरानी केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया की मौजूदगी पर हो रही है। खेल मंत्री न केवल कार्यक्रम में शामिल हुए, बल्कि बृजभूषण के साथ मंच साझा करते भी दिखे।
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- सवाल: क्या खेल मंत्री को उन कोर्ट केसों के फैसले का इंतजार नहीं करना चाहिए था जो बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों के तहत चल रहे हैं?
- चिंता: एक खेल मंत्री द्वारा उस व्यक्ति को सार्वजनिक मंच पर वैधता देना, जिस पर देश की बेटियों ने गंभीर आरोप लगाए हों, खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ने वाला कदम माना जा रहा है।
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दुष्यंत चौटाला के ‘चरण वंदन’ पर बरसे लोग
हरियाणा की राजनीति में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की हो रही है। हरियाणा, जिसे देश के सर्वश्रेष्ठ पहलवानों की खान कहा जाता है, वहां के एक प्रमुख नेता का बृजभूषण के सामने दंडवत वंदना करना और पैर छूना लोगों को नागवार गुजर रहा है।
- नैतिकता का पतन: सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जिस व्यक्ति ने हरियाणा की बेटियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोपों का सामना किया, उसी के चरणों में दुष्यंत चौटाला बिना किसी शर्म-लिहाज के कैसे गिर सकते हैं?
अवैध को मिली ‘सरकारी’ मंजूरी?
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) की वर्तमान स्थिति और उसकी अवैधता को लेकर विवाद अभी थमा नहीं है। ऐसे में वर्तमान खेल मंत्री और हरियाणा के कद्दावर नेताओं का इस आयोजन में शिरकत करना यह संदेश देता है कि उनके लिए खिलाड़ियों के आंसू और नैतिकता से ऊपर राजनीतिक संबंध और निजी वफादारी है।
रैपिड फायर में भले ही खेल मंत्री को वर्तमान अध्यक्ष का नाम याद न आए, लेकिन बृजभूषण की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि कुश्ती के अखाड़े में आज भी ‘दबदबा’ कायम है। यह खेल और राजनीति के लिए एक ऐसा शर्मनाक अध्याय है, जहां नैतिकता का लबादा अब पूरी तरह उतर चुका है।