हरियाणा में BPL कार्ड धारकों पर बड़ी कार्रवाई: अब रजिस्ट्री, बैंक लोन और बच्चों की स्कूल फीस से खुलेगी पोल; तुरंत कटेगा नाम
हरियाणा BPL कार्ड अलर्ट: डिजिटल जांच के चक्रव्यूह में फंसे अपात्र; कार, कोठी और प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वालों की अब खैर नहीं"

हरियाणा में अपात्र BPL धारकों की छंटनी शुरू! अब रजिस्ट्री, बिजली बिल और कार होने पर ऑटोमैटिक कटेगा नाम। सरकार ने पोर्टल को बैंक और तहसील से जोड़ा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।”
चंडीगढ़ (The Asia Prime): हरियाणा सरकार ने अपात्र बीपीएल (BPL) कार्ड धारकों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल अभियान शुरू किया है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इसे पूरी तरह स्वचालित (Automatic) कर दिया है। अब सरकारी सिस्टम आपकी रजिस्ट्री, बैंक लोन और यहाँ तक कि बच्चों की निजी स्कूल फीस पर भी पैनी नज़र रखेगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्री होते ही लिस्ट से बाहर
अब यदि कोई बीपीएल कार्ड धारक शहर में 100 गज या गांव में 200 गज से अधिक का प्लॉट या मकान खरीदता है, तो उसे छुपाना नामुमकिन होगा। जैसे ही तहसील में ऑनलाइन रजिस्ट्री होगी, उसका डेटा सीधे विभाग के पास पहुँच जाएगा और सिस्टम स्वतः ही उस परिवार का नाम बीपीएल सूची से हटा देगा।
इन 7 वजहों से रद्द होगा आपका राशन कार्ड:
सरकार ने अपात्रों की पहचान के लिए डिजिटल डेटा को आधार बनाया है। आपका कार्ड कट सकता है यदि:
- प्रॉपर्टी: तय सीमा (100/200 गज) से बड़ा प्लॉट या मकान खरीदना।
- आईटीआर: परिवार का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरता हो।
- बिजली बिल: साल भर का बिजली बिल 24,000 रुपये से अधिक आता हो।
- फसल बिक्री: सरकारी पोर्टल पर 3.60 लाख रुपये से अधिक की फसल बेची हो।
- वाहन: परिवार के किसी सदस्य के नाम पर फोर-व्हीलर (कार आदि) हो।
- राशन की अनुपस्थिति: लगातार 6 महीने तक सरकारी डिपो से राशन न लिया हो।
- बैंक लोन: आय सीमा से अधिक का लोन लेना भी जांच के दायरे में है।
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निजी स्कूलों के डेटा पर भी सरकार की नज़र
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब शिक्षा विभाग से भी संपर्क साधा जा रहा है। जो बीपीएल कार्ड धारक अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और भारी-भरकम फीस भर रहे हैं, उनके डेटा का मिलान परिवार पहचान पत्र (PPP) से किया जाएगा। गलत जानकारी देकर कार्ड बनवाने वालों का नाम तुरंत काटा जाएगा।