शिक्षा के मंदिर को भैरो परिवार की अनूठी भेंट: जांडली कलां स्कूल में 7.50 लाख की लागत से बना भव्य प्रवेश द्वार, गणतंत्र दिवस पर हुआ उद्घाटन
पुरखों की याद में महका शिक्षा का आँगन: ₹7.50 लाख की लागत से जांडली कलां स्कूल को मिला भव्य गेट; शिक्षा अधिकारियों ने भैरो परिवार के जज्बे को किया सलाम"

फतेहाबाद के गांव जांडली कलां में गणतंत्र दिवस पर स्वर्गीय सोहन लाल भैरो की याद में स्कूल गेट का भव्य उद्घाटन। DEO संगीता बिश्नोई और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ लोकार्पण।
जांडली कलां/फतेहाबाद (THE ASIA PRIME / TAP News): दिनांक: 26 जनवरी 2026
फतेहाबाद जिले के गांव जांडली कलां में आज 77वां गणतंत्र दिवस एक ऐतिहासिक गौरव के साथ मनाया गया। जहाँ एक ओर देश तिरंगे की आन-बान और शान का उत्सव मना रहा था, वहीं दूसरी ओर जांडली कलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा के प्रति समर्पण की एक नई मिसाल पेश की गई। गांव के प्रतिष्ठित भैरो परिवार ने अपने पूर्वजों की स्मृति में 7.50 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित स्कूल के भव्य मुख्य प्रवेश द्वार का लोकार्पण कर इसे विद्यार्थियों और समाज को समर्पित किया।
पूर्वजों की स्मृति में समाज सेवा का संकल्प
यह भव्य द्वार स्वर्गीय चौधरी सोहन लाल भैरो की पावन स्मृति में उनके पुत्र स्वर्गीय रामफल सिंह भैरो के प्रयासों से और उनके पौत्र सुशील भैरो द्वारा बनवाया गया है। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और अपने बुजुर्गों के आदर्शों को जीवित रखना है।
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प्रवेश द्वार का उद्घाटन समारोह फतेहाबाद शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों और गांव के गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्रीमती संगीता बिश्नोई (D.E.O. फतेहाबाद), श्रीमती संगीत बाई (DEEO) और दयानंद सिहाग (पूर्व D.E.O.) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस अवसर पर शिक्षा अधिकारियों ने भैरो परिवार के इस नेक कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। D.E.O. संगीता बिश्नोई ने कहा, “जब समाज का कोई परिवार अपनी निजी पूंजी शिक्षा के क्षेत्र में लगाता है, तो वह केवल ईंट-पत्थरों का निर्माण नहीं करता, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है।”
भैरो परिवार का भावुक संदेश
उद्घाटन के दौरान स्वर्गीय सोहन लाल के पौत्र सुशील भैरो ने कहा कि, “आज मेरे दादाजी और पिताजी का सपना पूरा हुआ है। यह गेट केवल एक संरचना नहीं है, बल्कि हमारे परिवार का स्कूल और शिक्षा के प्रति प्रेम का प्रतीक है। हम चाहते हैं कि इस द्वार से प्रवेश करने वाला हर बच्चा देश का नाम रोशन करे।”
स्वर्गीय सोहन लाल के पुत्रों शमशेर भैरो और प्रताप भैरो ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे और कहा कि उनका परिवार भविष्य में भी स्कूल की जरूरतों के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ में भारी उत्साह
इस गौरवमयी पल के साक्षी जांडली कलां की सरपंच श्रीमती शीला देवी भैरो (स्वर्गीय सोहन लाल की पौत्रवधू) बनीं। स्कूल के प्रिंसिपल जगदीश चंद्र सेबदा ने भैरो परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के दान से सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों में सुधार आता है।
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ये गणमान्य रहे उपस्थित
समारोह में सरपंच प्रतिनिधि विजय कमांडो, पूर्व सरपंच ईश्वर भैरो, बसाऊ राम भैरो, बलवान भैरो, रोहतास भैरो, ठेकेदार कृष्ण जांडली खुर्द, सुनील मास्टर, मनोज मास्टर, रमेश कॉमरेड, भीरभान भैरो, रणधीर फौजी भैरो, चंद्र लाल सोनी और पत्रकार सतबीर भैरो (जांडली) सहित भारी संख्या में ग्रामीण और भैरो परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
गणतंत्र दिवस के मौके पर जांडली कलां में हुआ यह आयोजन साबित करता है कि यदि ग्रामीण समाज और संपन्न परिवार सरकारी संस्थानों के विकास में हाथ बटाएं, तो शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। भैरो परिवार का यह इस परिवार का वर्षों तक गाँव व आसपास के गांव के लिए शिक्षा के लिए योगदान देने का विषय बना रहेगा।