गद्दाफी का लीबिया: ‘मुफ्त सुविधाओं’ का जन्नत था या कहें कि लीबिया धरती के लोगों के लिए क्या स्वर्ण था? जानिए वायरल दावों का सच

मुफ्त बिजली, सस्ता पेट्रोल और बिना ब्याज के कर्ज; क्या गद्दाफी का लीबिया वाकई स्वर्ग था? जानिए उन 16 दावों की सच्चाई और गद्दाफी के अंत का असली कारण।”
त्रिपोली: Satbir Jandli (The Asia Prime): मुअम्मर गद्दाफी की मौत के सालों बाद भी एक बहस अक्सर छिड़ती है कि क्या गद्दाफी का शासन लीबिया के लिए स्वर्ण युग था? सोशल मीडिया पर दावा किया जाता है कि गद्दाफी के राज में बिजली, शिक्षा और इलाज मुफ्त था और नागरिकों को घर-कार खरीदने के लिए भारी सब्सिडी मिलती थी। आइए, इन दावों की हकीकत और गद्दाफी के अंत के असली कारणों का विश्लेषण करते हैं।
क्या वाकई लीबिया में सब कुछ ‘मुफ्त’ था? (तथ्यों की पड़ताल)
गद्दाफी की हत्या के कारण: ✍️
1. लीबिया में बिजली का बिल नहीं आता था, सभी नागरिकों को बिजली मुफ्त मिलती थी।
2. ऋण पर कोई ब्याज दर नहीं था, बैंक सरकारी स्वामित्व वाले थे, और नागरिकों को कानूनन 0% ब्याज दर पर ऋण मिलता था।
3. गद्दाफी ने वादा किया था कि जब तक लीबिया में हर कोई घर का मालिक नहीं हो जाता, तब तक वह अपने माता-पिता के लिए घर नहीं खरीदेगा।
4. लीबिया में सभी नवविवाहित जोड़ों को सरकार से 60,000 दीनार मिलते थे, और इसी के कारण उन्होंने अपने अपार्टमेंट खरीदे और अपना परिवार बसाया।
5. लीबिया में शिक्षा और चिकित्सा मुफ्त है। गद्दाफी से पहले केवल 25% लोग ही पढ़े-लिखे थे, जो उसके शासनकाल में बढ़कर 83% हो गए।
6. यदि लीबियाई लोग खेती-बाड़ी करना चाहते थे, तो उन्हें मुफ्त घरेलू उपकरण, बीज और पशुधन मिलते थे।
7. यदि उनका इलाज लीबिया में नहीं हो पाता था, तो सरकार उन्हें 2300 डॉलर से अधिक का खर्च और विदेश में इलाज के लिए आवास और यात्रा का खर्च देती थी।
8. यदि आप कार खरीदते हैं, तो सरकार कीमत का 50% वहन करती है।
9. पेट्रोल की कीमत 0.14 डॉलर प्रति लीटर यानिकी 10 रुपये लीटर हो गई थी।
10. लीबिया पर कोई बाहरी कर्ज नहीं था, और उसका भंडार 150 अरब डॉलर था (जो विश्व स्तर पर फ्रीज कर दिया गया है)।
11. चूंकि कुछ लीबियाई लोगों को स्कूल के बाद नौकरी नहीं मिल पाती, इसलिए सरकार उन्हें नौकरी न मिलने पर औसत वेतन का भुगतान करेगी।
12. लीबिया में तेल की बिक्री का एक हिस्सा सीधे सभी नागरिकों के बैंक खातों से जुड़ा हुआ है।
13. बच्चे को जन्म देने वाली मां को 5000 डॉलर मिलेंगे।
14. 40 रोटियों की कीमत 0.15 डॉलर है।
15. 25% लीबियाई लोगों के पास इलिस्ना की सभी डिग्रियां थीं।
16. गद्दाफी ने रेगिस्तान में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना, जिसे “बिग मैन प्रोजेक्ट” के नाम से जाना जाता है, लागू की है। दुनिया इसको 8वा अजूबा मानती है।
अगर इसे “तानाशाही” कहा जाता है, तो मुझे आश्चर्य है कि लोकतंत्र क्या होता है……?
गद्दाफी की हत्या का असली कारण क्या था?
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ‘जनता की भलाई’ ‘ उसकी मौत का कारण के साथ भू-राजनीतिक (Geopolitical) भी थी।
- गोल्डन दीनार (Gold Dinar): गद्दाफी एक अफ्रीकी मुद्रा ‘गोल्ड दीनार’ लाना चाहता था ताकि अफ्रीका डॉलर के प्रभुत्व से मुक्त होकर अपने तेल का व्यापार सोने में कर सके। यह कदम अमेरिका और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा था।
- तेल का नियंत्रण: पश्चिमी देश लीबिया के विशाल तेल भंडारों पर अपना नियंत्रण चाहते थे।
निष्कर्ष: लोकतंत्र बनाम तानाशाही
गद्दाफी के जाने के बाद लीबिया गृहयुद्ध और अस्थिरता में डूब गया। आज कई लीबियाई लोग उन पुरानी सुविधाओं को याद करते हैं, लेकिन यह भी सच है कि गद्दाफी के उस स्वर्ण युग के संस्थागत सुविधाओं की याद लोगों के मन में आज भी है।