
केन्या के ब्रायन मविंडा ने बिना डिग्री वकील बनकर जीते 26 केस। पकड़े जाने पर खुद का केस लड़कर भी सुर्खियां बटोरीं। क्या यह हुनर है या अपराध? पढ़ें पूरी फिल्मी कहानी।
नैरोबी (THE ASIA PRIME / TAP News ) Friday, 23 January 2026 (IST) 8:10 AM
ब्यूरो;(Satbir Jandli)अक्सर कहा जाता है कि कानून की पढ़ाई और अदालत की बारीकियों को समझने में सालों लग जाते हैं, लेकिन केन्या के एक शख्स ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। ब्रायन मविंडा (Brian Mwenda) नाम के इस व्यक्ति ने बिना किसी कानून की डिग्री (Law Degree) के वकील बनकर न केवल अदालत में पैरवी की, बल्कि लगातार 26 मुकदमों में जीत भी हासिल की।
कैसे रचा यह पूरा खेल?
ब्रायन मविंडा ने केन्या की हाई कोर्ट के एक असली वकील की पहचान चुराई थी, जिसका नाम उससे मिलता-जुलता था। उसने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर खुद को वकील के तौर पर रजिस्टर किया। हैरानी की बात यह है कि वह मजिस्ट्रेटों और हाई कोर्ट के जजों के सामने दलीलें देता रहा और किसी को शक तक नहीं हुआ। उसके तर्क इतने सटीक और कानूनी समझ इतनी गहरी थी कि उसने एक के बाद एक 26 केस जीत लिए।
ऐसे हुआ भंडाफोड़
ब्रायन की पोल तब खुली जब ‘लॉ सोसाइटी ऑफ केन्या’ (LSK) को एक असली वकील की शिकायत मिली, जिसे अपने पोर्टल पर लॉगिन करने में दिक्कत आ रही थी। जब जांच की गई, तो पता चला कि ब्रायन मविंडा नाम का व्यक्ति फर्जी तरीके से सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए गए।
खुद का केस लड़ा और वहां भी मारी बाजी!
इस कहानी का सबसे रोमांचक मोड़ तब आया जब ब्रायन को अदालत में पेश किया गया। उसने अपनी पैरवी के लिए किसी वकील को नहीं किया, बल्कि अपना केस खुद लड़ा। उसने अदालत में ऐसी दलीलें पेश कीं कि जज भी हैरान रह गए। केन्या के केंद्रीय ट्रेड यूनियन (COTU) के सचिव ने भी उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे ‘एक बहुत ही उज्ज्वल दिमाग’ वाला व्यक्ति बताया।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, उसे जमानत मिल गई और उसके समर्थन में कई लोग खड़े हो गए, जिनका मानना है कि डिग्री से ज्यादा हुनर मायने रखता है।