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भारत की बड़ी छलांग: पहली स्वदेशी MRI मशीन तैयार, विदेशी मशीनों से 40% सस्ती; टाटा और Zoho का मिला साथ

बेंगलुरु के स्टार्टअप वॉक्सलग्रिड्स ने रचा इतिहास; अब आधे दाम पर होगा MRI टेस्ट, श्रीधर वेम्बू की कंपनी Zoho ने किया है फंड"

भारत ने पहली स्वदेशी MRI मशीन बनाकर चिकित्सा क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। वॉक्सलग्रिड्स द्वारा निर्मित यह मशीन विदेशी स्कैनर्स से 40% सस्ती और अधिक उन्नत है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

नई दिल्ली (The Asia Prime): TAP News

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो अब तक केवल विकसित देशों के पास थी। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप ‘वॉक्सलग्रिड्स’ (VoxelGrids) ने भारत का पहला स्वदेशी MRI (Magnetic Resonance Imaging) स्कैनर विकसित कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी रूप से बड़ी है, बल्कि देश के मध्यम और गरीब वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहद किफायती बनाने वाली है।

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अर्जुन अरुणाचलम का विजन और Zoho का समर्थन

​वॉक्सलग्रिड्स के संस्थापक अर्जुन अरुणाचलम और उनकी टीम ने सालों की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट को दुनिया की जानी-मानी सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho और उसके संस्थापक श्रीधर वेम्बू का मजबूत वित्तीय और रणनीतिक समर्थन प्राप्त था। टाटा ट्रस्ट ने भी इस नवाचार को शुरुआती दौर में काफी प्रोत्साहित किया।

क्यों खास है यह स्वदेशी MRI स्कैनर?

  1. 40% तक कम कीमत: विदेशी कंपनियों (जैसे GE, Siemens, Philips) द्वारा बनाई गई MRI मशीनों की कीमत करोड़ों में होती है। भारतीय मशीन उनसे लगभग 30% से 40% कम लागत में तैयार होगी, जिससे मरीजों के लिए MRI टेस्ट सस्ता हो जाएगा।
  2. हल्का और पोर्टेबल: पारंपरिक मशीनों के मुकाबले यह स्कैनर हल्का है, जिससे इसे छोटे अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों में ले जाना आसान होगा।
  3. लिक्विड हीलियम की बचत: विदेशी मशीनों को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में लिक्विड हीलियम की जरूरत होती है, जबकि वॉक्सलग्रिड्स की तकनीक इसे कम खर्चीला बनाती है।
  4. फास्ट स्कैनिंग: यह मशीन कम समय में उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें (High Resolution Images) देने में सक्षम है।
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आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

​वर्तमान में भारत अपनी चिकित्सा उपकरणों की जरूरतों का लगभग 70-80% हिस्सा आयात करता है। यह स्वदेशी MRI मशीन इस निर्भरता को कम करेगी। श्रीधर वेम्बू ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह “आत्मनिर्भर भारत” का असली उदाहरण है, जहां भारतीय प्रतिभा ने विश्व स्तरीय हार्डवेयर तैयार किया है।

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