दुनिया
Trending

बिल गेट्स से लेकर अंबानी तक: दुनिया के अरबपति क्यों खरीद रहे हैं खेती की जमीन? क्या यह भविष्य के ‘भोजन’ पर कब्जे की तैयारी है?

अमेरिका में बिल गेट्स के पास 2.75 लाख एकड़ ज़मीन, तो भारत में अंबानी-अडानी का भी बढ़ा दखल; क्या आम किसान के लिए खत्म हो जाएंगे मौके?"

दुनियाभर में अरबपति अब टेक छोड़कर खेती की जमीन खरीद रहे हैं। बिल गेट्स से अंबानी-अडानी तक, क्या यह भविष्य की फूड इकोनॉमी और आम किसान के लिए बड़ा खतरा है? पढ़िए विशेष रिपोर्ट।”

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क (The Asia Prime): पिछले एक दशक में दुनिया के अरबपतियों के बीच एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जहां पहले निवेश का मतलब सोना, शेयर बाजार या रियल एस्टेट होता था, अब दुनिया के सबसे अमीर लोग ‘फार्मलैंड’ (खेती की जमीन) में अरबों डॉलर झोंक रहे हैं।

ग्लोबल सिनेरियो: माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स आज अमेरिका के सबसे बड़े निजी फार्मलैंड मालिक बन चुके हैं, जिनके पास लगभग 2,75,000 एकड़ जमीन है। वहीं जेफ बेजोस और टेड टर्नर जैसे दिग्गजों ने भी लाखों एकड़ जमीन अपने नाम कर ली है। चीन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक, अरबपति अब तकनीक के साथ-साथ मिट्टी से जुड़ रहे हैं।

रामपुर: ओवरलोड भूसे का ट्रक बोलेरो पर पलटा, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत

भारत की स्थिति:

भारत में ‘लैंड सीलिंग लॉ’ (भूमि सीमा कानून) के कारण अमेरिका की तरह लाखों एकड़ निजी कृषि फार्म बनाना मुश्किल है, लेकिन यहां का ट्रेंड अलग है:

चिंता या अवसर?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश फूड सिक्योरिटी और सस्टेनेबिलिटी के नाम पर किया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे ‘फूड सप्लाई चेन’ पर एकाधिकार की चिंता भी है। यदि जमीन मुट्ठी भर लोगों के पास होगी, तो भविष्य में अनाज की कीमतें और खेती की तकनीक आम आदमी की पहुंच से बाहर हो सकती हैं।

क्या भारत में यह संभव है? (Analysis)

​भारत में सीधे तौर पर अमेरिका जैसा ‘कॉर्पोरेट फार्मिंग’ मॉडल लागू करना कानूनी रूप से कठिन है, क्योंकि:

BIG BREAKING: किसान नेता रवि आजाद गिरफ्तार; पूछताछ के बहाने बुलाकर पुलिस ने की कार्रवाई

  1. Land Ceiling Laws: राज्य सरकारों ने जमीन रखने की एक सीमा तय की है।
  2. कानूनी अड़चनें: कई राज्यों में केवल किसान ही कृषि भूमि खरीद सकता है।
  3. विरोध: भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहाँ कॉर्पोरेट का दखल हमेशा राजनीतिक और सामाजिक विरोध का कारण बनता है (जैसे तीन कृषि कानूनों का विरोध)।

​हालांकि, ‘कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग’ और ‘प्लांटेशन’ के जरिए बड़े ग्रुप्स इस सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।

हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक फैसला: 54 साल बाद हाउसिंग बोर्ड का HSVP में विलय; 42 कानूनों से हटेगा जेल का प्रावधान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
© 2025 The Asia Prime | All Rights Reserved Contact: 9050215014 | Email: satbirchoudhary20@gmail.com Address: VPO Jandli Kalan, Teh Distt. Fatehabad, Haryana