रोहतक में ASI संदीप लाठर ने की आत्महत्या: सुसाइड नोट में Y. पूरन कुमार पर आरोप, जांच शुरू

रोहतक जिले में साइबर सेल में कार्यरत एएसआई संदीप लाठर ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या की, और बताया गया है कि उन्होंने एक सुसाइड नोट एवं वीडियो संदेश छोड़ा जिसमें उन्होंने मृत IPS अधिकारी Y. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप लगाए। घटना ने पहले से ही विवादों में घिरे IPS केस को नया मोड़ दे दिया है। जांच अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम को बुलाया है।
ब्यूरो:TAP News
रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा के रोहतक जिले में साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप लाठर ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली है। उनका शव लढोट गांव (Rohtak) के पास एक खेत के निकट बनी एक कमरे में पाया गया। प्रारंभिक जानकारी बताती है कि घटना मंगलवार को हुई और सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस अधीक्षक सुनील भोरिया ने कहा कि लाठर को एक ईमानदार और मेहनती अधिकारी माना जाता था। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी तरह की पुष्टि नहीं की गई है कि यह आत्महत्या है या हत्या। शव के पास एक सुसाइड नोट (तीन पन्नों का) और एक वीडियो संदेश भी बरामद हुआ है, जिसमें लाठर ने IPS Y. पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनके द्वारा छोड़े गए वीडियो संदेश में बताया गया है कि लाठर पूरन कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कर रहे थे और वह उनके द्वारा दबाव, उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार झेलते रहे थे। उन्होंने लिखा कि “मैं अपनी जान देकर सच बोल रहा हूँ”।
यह घटना उस पूरे मामले में एक नयी दिलचस्पी जोड़ गई है जिसमें 7 अक्टूबर को Y. पूरन कुमार की आत्महत्या हुई थी। उस घटना में उन्होंने एक नोट छोड़ा था जिसमें 15 I(A)S/IPS अधिकारियों के नाम थे और आरोप लगाए थे कि उन्हें लगातार उत्पीड़न झेलना पड़ा।
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रोहतक पुलिस तथा हरियाणा गृह विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस मानती है कि यह मामला सिर्फ एक ज्यादातर “निजी दबाव या विभागीय विवाद” से ज़्यादा कुछ हो सकता है — इसलिए जांच को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस घटना ने भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। अब यह देखना है कि क्या ये नए आरोप Y. पूरन कुमार मामले में प्रेरणा बनेगें, या फिर किसी बड़े स्तर पर झूठे आरोपों की श्रृंखला बनेंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि लाठर की पोस्टिंग साइबर सेल की थी, जिससे यह लगता है कि उन्हें डिजिटल/फ़ोरेंसिक मामलों का काम सौंपा गया था। ऐसे मामलों में साक्ष्य और डेटा बहुत संवेदनशील होते हैं। यदि दबाव या हस्तक्षेप हुआ हो, तो जिम्मेदारों का खुलासा होना चाहिए।
यह दूसरा पुलिस अधिकारी है जिसने एक सप्ताह में संदिग्ध मौतें की हैं — पहले Y. पूरन कुमार की मौत, और अब यह घटना। यह प्रशासन में मौजूदा तनाव, दबाव और संरचनात्मक असंतुलन की ओर संकेत दे सकती है।
आगे की जांच रिपोर्ट, सुसाइड नोट के खुलासे, वीडियो संदेश की सत्यता और अन्य दोषियों की पहचान इस घटना की दिशा तय करेंगी। जनता व मीडिया की निगाह इस मामले पर है कि क्या न्याय होगा या फिर यह भी अन्य मामलों की तरह धूल में दब जाएगा।
(TheAsiaPrime — Bureau Chief: Satbir Jandli)